टीचर्स सेलेक्शन लिस्ट हाईकोर्ट द्वारा निरस्त करने के बाद भी तीन शिक्षकों को करीब दो वर्षों से भी अधिक समय तक वेतन देते रहने के मामले में संबंधित अधिकारी नपेंगे। वेतन के मद में जारी की गई लाखों रूपए की राशि को इन अधिकारियों से वसूला जाएगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय राजोरी ने इस बाबत तैयारी कर ली है। बाकायदा ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग आफिसरों की पहचान की गई है और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई के लिए इन्हीं अफसरों का वेतन काटा जाएगा।
सीईओ राजोरी के अनुसार तीनों शिक्षकों को अवैध रुप से वेतन प्रदान करने के पीछे जेडईओ व स्कूल हेड मास्टर का ही हाथ है। दोनों अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर तीन शिक्षकों को अवैध रूप से नौकरी पर रखा और उन्हें अवैध रूप से वेतन भी देते रहे।
सीईओ ने कहा कि तीनों शिक्षकों को प्रदान किया गया वेतन अब जेडईओ व हेड मास्टर के वेतन से काटकर सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। इसके अलावा दोनों अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।