तहसीलदार भी पटवारी की रिपोर्ट पर निर्भर, दो से तीन दिन में रिपोर्ट बनाने का दिया आश्वासन
रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाने को लेकर संघर्ष कर रहे शेर-ए-चक के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ तहसील के गांव शेर-ए-चक में रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर गांव के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को तहसीलदार निर्भय शर्मा से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। लेकिन, तहसीलदार मिले ही नहीं। साथ ही जिस पटवारी ने रास्ते की पैमाइश की थी, वह बिना रिपोर्ट सौंपे छुट्टी पर चला गया है। तहसीलदार का कहना है कि पटवारी ने अभी तक पैमाइश की रिपोर्ट उन्हें नहीं सौंपी है।
जानकारी के अनुसार गांव का प्रतिनिधिमंडल जब तहसील कार्यालय पहुंचा तो उन्हें तहसीलदार नहीं मिले। बताया गया कि वह एक शिविर में गए हैं। लोगों ने जब उन्हें फोन किया तो उन्होंने कहा कि उनसे मंगलवार को आकर मिल सकते हैं। लोगों का कहना है कि पटवारी ने पैमाइश करने के बाद चार दिन ऐसे ही बिता दिए, लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं बनाई है। जब तहसील से उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो वह खुद कार्यालय आकर तहसीलदार से मिलना चाहते थे। लेकिन, यहां तहसीलदार भी नहीं मिले। लोगों ने कहा कि उनकी मांग को कोई भी अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों द्वारा निरंतर आग्रह किया जा रहा है कि 5 लोगों के पास रास्ते का कब्जा है, और राजस्व रिकॉर्ड भी यही बता रहा है। पांच में से दो लोग रास्ता देने के लिए तैयार भी हैं। लोगों ने का कहना है कि राजस्व विभाग को अन्य 3 लोगों से भी रास्ते की बहाली के लिए बात करनी चाहिए। अगर रास्ता बन जाता है तो लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। दोनों तरफ से निशानदेही करने के बाद रिकॉर्ड के मुताबिक उचित कार्रवाई करनी चाहिए। वैसे भी अगर लोगों के पास सरकारी जमीन पर कब्जा है तो उसे रास्ते में बहाल कर देना चाहिए।
पैमाइश के बाद पटवारी छुट्टी पर चले गए हैं। अगले 2 से 3 दिन में रिपोर्ट मेरे पास आ जाएगी। उसके बाद मैं आगे की कार्रवाई कर सकूंगा। रिकॉर्ड के मुताबिक अगर वहां रास्ते की निशानदेही की गई होगी तो उस पर फैसला लिया जाएगा। रास्ता देखने के लिए अगर पुराने रिकॉर्ड को भी देखना पड़ेगा तो उसे भी खंगाला जाएगा।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़