विधायकों के शपथ ग्रहण में रियासत की रंग-बिरंगी साझा संस्कृति की झलक दिखी। भाजपा के सदस्य डोगरी पगड़ी में नजर आए तो परिवहन राज्य मंत्री अब्दुल गनी गुज्जर पगड़ी में। स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह के सिर पर चुन्नी पगड़ी के अलावा कंधे पर अंगवस्त्रम भी लटक रहा था।
भाजपा सदस्यों ने ईश्वर और पीडीपी और नेकां के कई सदस्यों ने अल्लाह और खुदा के नाम पर शपथ ली। सदन के अंदर और बाहर वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे भी गूंजे। भाजपा विधायक रवीन्द्र रैना ने तिरंगा लहराया।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों समेत 88 विधायकों ने विधायक के रूप में शपथ ली। विस में प्रोटेम स्पीकर मोहम्मद शफी उड़ी ने और विधान परिषद में चेयरमैन अमृत मल्होत्रा ने 11 नए सदस्यों को शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण में...
मोहम्मद सईद ने अंग्रेजी में शपथ ली। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अंग्रेजी में अल्लाह के नाम पर शपथ ली। स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह, राज्य मंत्री पवन गुप्ता ने डोगरी में शपथ ली।
पीडीएफ के हकीम यासीन ने कश्मीरी में और राजा मंजूर खान ने गोजरी में पद और गोपनीयता का हलफ उठाया। सदन में 21 सदस्य पगड़ियों में नजर आए। भाजपा सदस्य शपथ ग्रहण से पहले महाराजा हरि सहिं की प्रतिमा का माल्यर्पण करने के बाद समूह में डोगरी पगड़ी धारण कर विधानसभा पहुंचे।
दर्शक दीर्घा से भी तालियां बज रही थी और एक बार एक बच्चे को रोने की आवाज भी आई। इस शोर पर विधायकों ने ऐतराज भी जताया।
माता वैष्णो के नाम पर शपथ लेने पर विवाद
भाजपा विधायक रवींद्र रैना ने जब माता वैष्णो देवी ने नाम पर शपथ की शुरुआत की तो विपक्षी सदस्यों ने इस पर ऐतराज जताया। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि शपथ ग्रहण का फार्मेट तय है और शपथ ईश्वर के नाम पर तो लिया जा सकता है लेकिन किसी देवी-देवता के नाम पर नहीं। रैना ने कहा कि वह माता वैष्णो देवी को ही ईश्वर मानते हैं।
दूसरे सदस्य अल्लाह और खुदा के नाम पर शपथ ले रहे हैं तो उन्हें भी अपनी ईष्ट देवी के नाम पर शपथ लेने की छूट मिलनी चाहिए। बाद में प्रोटेम स्पीकर के हस्तक्षेप पर उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। उन्होंने शपथ के बाद जय माता दी का उद्घोष किया।
माता वैष्णो के-
दूसरे सदस्य अल्लाह और खुदा के नाम पर शपथ ले रहे हैं तो उन्हें भी अपनी ईष्ट देवी के नाम पर शपथ लेने की छूट मिलनी चाहिए। बाद में प्रोटेम स्पीकर के हस्तक्षेप पर उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। उन्होंने शपथ के बाद जय माता दी का उद्घोष किया।