मुंबई हमले की 12वीं बरसी के मौके पर वीरवार को आतंकियों ने श्रीनगर के बाहरी इलाके एचएमटी में सुरक्षा बलों पर एक बड़ा हमला कर दिया। हमले में दो जवान शहीद हो गए। कॉमबेट ड्रेस पहने तीन दहशतगर्द मौके पर पहुंचे और सेना के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घायल दोनों जवानों को शरीफाबाद स्थित सैन्य शिविर में ले जाया गया जहां दोनों की मौत हो गई।
घटन के बाद दहशतगर्द मौके से एक मारुति कार लेकर फरार हो गए। आतंकी एक जवान की एके 47 राइफल भी लूट ले गए हैं। सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान छेड़ दिया है। सेना सर्च ऑपरेशन में चीता हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल कर रही है। पुलिस के अनुसार हमले के पीछे लश्कर-ए-ताइबा या जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों का हाथ हो सकता है।
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि शहर से 16 किलोमीटर दूर बाहरी इलाके में सेना की क्यूआरटी (त्वरित प्रक्रि या बल) के जवान रूटीन ड्यूटी पर थे। वीरवार दोपहर को तीन आतंकी कॉमबेट ड्रेस में आए और जवानों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए बाद में उनकी मौत हो गई। आस पास के सभी सीसीटीवी फुटेज हमने एकत्र कर लिए हैं, उनकी जांच की जा रही है। शीघ्र ही हमलावरों को ढूंढ निकालेंगे। प्रारंभिक आकलन के आधार पर कह सकते हैं कि यह लश्कर और जैश का काम है।
हमलावरों की कार को फालो कर रही पुलिस
एक सवाल के जवाब में आईजीपी ने कहा कि जिस मारुति कार से हमलावर फरार हुए हैं पुलिस उसे फालो कर रही है। जिस शख्स की गाड़ी है उसने पूछताछ में बताया कि तीन आतंकी थे जिसमें से दो के पास हथियार थे।
तीन में दो हमलावर विदेशी होने का संदेह
तीन आतंकियों में से दो का पाकिस्तानी और एक स्थानीय होने का अंदेशा है। इस बीच हथियार लूटने की घटना को लेकर पूछे गए सवाल का उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया लेकिन एक जवान का हथियार ले जाने की बात सामने आ रही है।
सुरक्षा बलों ने लांच किया संयुक्त ऑपरेशन
घटना के तुरंत बाद सेना,सीआरपीएफ़ की क्विक एक्शन टीम (क्यूएटी) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के जवानों ने आसपास के इलाके में तलाशी अभियान छेड़ दिया है। इस सर्च ऑपरेशन में सेना अपने चीता हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल कर रही है।
सेना ने दिया धैर्य का परिचय
बताया जा रहा है कि एचएमटी का इलाका काफी भीड़भाड़ वाला इलाका है। यही कारण है कि आतंकी हमले के बाद क्यूआरटी के दूसरे जवानों ने धैर्य का परिचय देते हुए जवाबी फायर नहीं किया। यदि ऐसा होता तो आम नागरिकों को नुकसान पहुंच सकता था।