चिनाब घाटी में आतंकी हमलों और युवाओं को आतंकवाद में झोंकने की साजिश में शामिल एक मदरसा शिक्षक को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया है। किश्तवाड़ से पकड़ा गया मदरसा शिक्षक 25 वर्षीय कारी अब्दुल वाहिद मोलवी भी है, जो पाकिस्तानी आतंकी संगठन कश्मीर जांबाज फोर्स (केजेएफ) को सैन्य प्रतिष्ठानों समेत सुरक्षा बलों की अन्य संवेदनशील सूचनाएं भेज रहा था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार युवाओं को बरगलाकर आतंकवाद से जोड़ने के लिए आरोपी को पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसियों ने पैसा और नए मोबाइल भी दिए थे। एडीजीपी मुकेश सिंह के अनुसार पूछताछ में वाहिद ने तस्वीरें और वीडियो समेत अन्य जानकारी पाकिस्तान भेजने की बात कबूली है।
वाहिद के खिलाफ यूएपीए और सीआरपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वाहिद डूल क्षेत्र का रहने वाला है। वह किश्तवाड़ के दड़पेथ गांव में मदरसे में पत्नी और सात माह के बच्चे के साथ रह रहा था। संदिग्ध गतिविधियों का पता चलने पर वाहिद सुरक्षा एजेंसियों के रडार आ गया।
पुख्ता सूचनाएं मिलने पर वाहिद को बुलाकर पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने संयुक्त पूछताछ की, जिसमें वाहिद ने कई राज उगले। इस मामले में कुछ और लोगों को गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
सोशल मीडिया पर केजेएफ कमांडर तैयब के संपर्क में आया
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में वाहिद ने बताया कि वह दिसंबर 2020 से आतंकी संगठन कश्मीर जांबाज फोर्स (केजेएफ) के लिए काम कर रहा था। उसने सैन्य प्रतिष्ठानों समेत संवेदनशील स्थानों के कई वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान आधारित केजेएफ आतंकियों को भेजीं। वाहिद सोशल मीडिया पर केजेएफ के स्वयंभू कमांडर तैयब फारूकी उर्फ उमर खताब के संपर्क में आया। उसके बाद लगातार ऑनलाइन सक्रिय रहने पर उसने सक्रिय आतंकी बनने की इच्छा भी जाहिर की।