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Jammu Kashmir: बारामुला के उड़ी में मंकीपॉक्स के 2 संदिग्ध मामले आए सामने, नमूने जांच के लिए भेजे

Wed, 12 Oct 2022 05:52 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

स्वास्थ्य विभाग कश्मीर के प्रवक्ता डॉ. मीर मुश्ताक़ ने बताया कि दोनों के नमूने भेजे गए हैं। एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी तब स्पष्ट होगा कि मंकीपॉक्स है या नहीं।
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मंकीपॉक्स - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बारामुला जिले के उड़ी में मंकीपॉक्स के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि दोनों संदिग्ध मरीज उड़ी के दजना लच्छीपोरा इलाके के हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें अलग रखा गया है। दोनों को बुखार और उनकी त्वचा पर मंकीपॉक्स या चेचक जैसे घाव हो गए हैं।

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स्वास्थ्य विभाग कश्मीर के प्रवक्ता डॉ. मीर मुश्ताक़ ने कहा, उनके नमूने स्किम्स माइक्रोबायोलॉजी विभाग को भेजे गए हैं। एक-दो दिन तक रिपोर्ट आ जाएगी तब स्पष्ट होगा कि मंकीपॉक्स है या नहीं। वहीं एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि दोनों मरीजों के शरीर पर मैकुलोपापुलर रैश हैं, ज्यादातर चेहरे और पेट पर।

इन संदिग्ध मरीजों को मंकीपॉक्स है या चेचक, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं कर सकते, लेकिन इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता है। बीएमओ बोनियार डॉ. परवेज मसूदी ने बताया कि क्षेत्र में चेचक या मंकीपॉक्स के संदिग्ध मामले की सूचना मिलने पर 6 अक्तूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बारामुला और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) टीम जिला बारामुला को सूचित किया गया।
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तुरंत मेडिकल ब्लॉक बोनियार की आईडीएसपी टीम ने दजना लच्छीपोरा का दौरा किया। सभी ग्रामीणों और संक्रमितों की जांच की।  राज्य महामारी विज्ञान टीम आठ अक्तूबर को मौके पर गई और संक्रमित लोगों के नमूने लिए।

सूत्रों के मुताबिक आठ लोगों के नमूने लिए गए हैं, लेकिन लक्षणों की गंभीरता के कारण मंकीपॉक्स की संभावना की पुष्टि या इनकार करने के लिए परीक्षण के लिए दो व्यक्तियों के नमूने स्किम्स माइक्रोबायोलॉजी विभाग को भेजे गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि  लोगों में बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया गया था। आबादी के बीच जागरूकता के लिए चिकित्सा टीमें भेजी गई थीं। स्कूल के शिक्षकों, पीआरआई और स्थानीय इमामों को जागरूक किया गया था। 
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