अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से हाल ही में सन्यास लेने वाले टीम इंडिया के पूर्व सदस्य सुरेश रैना प्रदेश में गरीब और ग्रामीण बच्चों को क्रिकेट की बारीकियां सिखाना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए रैना ने पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि वह गरीब और ग्रामीण बच्चों को क्रिकेट के गुर सिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में क्रिकेट को लेकर युवाओं में बड़ी दीवानगी है। पिछले कुछ वर्षों से आईपीएल में प्रदेश के युवाओं का लगातार चयन इस बात का सबूत भी है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के कुछ दिन बाद पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट को बढ़ावा देने का प्रस्ताव दिया है। रैना ने कहा कि वह प्रदेश के वंचित तबकों से आने वाले बच्चों की मदद करेंगे। 33 वर्षीय रैना ने कहा कि वह खेल को कुछ वापस करना चाहते हैं।
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रैना स्वयं एक कश्मीरी पंडित हैं। उनके पिता त्रिलोकचंद प्रदेश के रैनावाड़ी इलाके के रहने वाले थे। अपने पत्र में रैना ने लिखा है ‘मैं यह पत्र बहुत उम्मीद के साथ लिख रहा हूं और मैं प्रदेश में क्रिकेट को शुरू और प्रमोट करना चाहता हूं। इससे वंचित बच्चों को क्रिकेट में अपना भविष्य बनाने का एक अवसर मिलेगा।’ गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुरेश रैना को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने पर प्रदेश में सेवाएं देने का प्रस्ताव दिया था।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन ने किया स्वागत
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन ने रैना के पत्र का स्वागत किया है। एसोसिएशन ने कहा कि हम सुरेश रैना के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। देश को कई यादगार जीत दिलाने वाले सुरेश रैना का युवाओं को तराशना और क्रिकेट के लिए प्रशिक्षित करना युवाओं के लिए बड़ा लाभदायक होगा।