फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर के डॉक्टरों का चमत्कार, 110 साल के बुजुर्ग को लगाया पेस मेकर

Sat, 17 Feb 2018 10:44 AM IST
अमित वर्मा,अमर उजाला,जम्मू
विज्ञापन
- फोटो : file photo
विज्ञापन
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू के कार्डियोलॉजी विभाग ने 110 साल के बुजुर्ग को सफलता पूर्वक पेस मेकर लगा बड़ी सफलता पाई है। पहली बार इतने बुजुर्ग को यहां पेस मेकर लगाया गया। इस सफलता से कई ऐसे बुजुर्गों को प्रेरणा मिल सकती है, जो अधिक उम्र के कारण पेस मेकर नहीं लगवा पा रहे हैं।  
विज्ञापन


 अस्पताल में पांच फरवरी को मो. अब्दुल्ला को भर्ती कराया गया था। इसके बाद एचओडी डॉ. सुशील शर्मा और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया। सतवारी स्थित पीर बाबा की दरगाह पर वीरवार को अपने बेटे और पौत्रों के साथ माथा टेकने पहुंचे मो. अब्दुल्ला ने बताया कि उन्हें अपने जीवन में कभी कोई बीमारी नहीं लगी।

वह घर का ही खाना और पौष्टिक सब्जियों का आहार लेते हैं। 1990 के दशक में जम्मू-कश्मीर नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान रहे अब्दुल्ला बताते हैं कि अब वह ठीक हैं और आगे का जीवन काम करते हुए बिताएंगे। 
विज्ञापन


उनके 65 वर्षीय बेटे अब्दुल हमीद ने बताया कि वह अब्बू को एक माह पहले धड़कन में समस्या आने पर एचएमएस अस्पताल सियोरा कश्मीर में ले गए थे। इसके बाद उन्हें जम्मू के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरे आपरेशन के दौरान उनका एक लाख का खर्च आया है।  

जिंदगी जिंदादिली का नाम है
सफल आपरेशन के बाद पुलवामा के गुडोरा गांव के बुजुर्ग मोहम्मद अब्दुल्ला ठोकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह 50 साल और जीना चाहते हैं। यह भी कहा कि अभी मैं जवान हूं और जिंदगी जिंदादिली का ही नाम है। 

अपने कार्यकाल में सौ साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग को पेश मेकर लगाने का पहला मामला है। इस सर्जरी में कई चुनौतियां थीं, लेकिन तीमारदारों और स्टाफ के उचित सहयोग से आपरेशन सफल रहा। यह मेरे जीवन का नया अनुभव है। उम्रदराज की सर्जरी हाईरिस्क होती है। 
डॉ. सुशील शर्मा, एचओडी, कार्डियोलॉजिस्ट

क्या है पेस मेकर
पेस मेकर एक छोटा उपकरण है जो हृदय को नियमित रूप से धड़कने के लिए विद्युत तरंग पैदा करता है। हृदय गति काफी कम या अधिक होने की स्थिति में इसे सर्जरी कर छाती के अंदर रखा जाता है। लीड नामक तारों को हृदय की मांसपेशी में डाला जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें