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अब हर मौसम में खुला रहेगा रास्ता: बटोत-किश्तवाड़ हाईवे को मिलेगा नया जीवन, केंद्र ने दी ट्विन टनल को मंजूरी

Wed, 15 Apr 2026 12:15 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे-244 पर सुद्धमहादेव-द्रंगा और सिंहपोरा-वायलू जुड़वां सुरंगों के निर्माण को 9779.42 करोड़  की मंजूरी दी है। इन सुरंगों के बनने से उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़ और अनंतनाग के बीच हर मौसम में सुगम संपर्क होगा और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : विभाग
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने बटोत-किश्तवाड़-अनंतनाग नेशनल हाईवे-244 पर दो ट्विन टनल (जुड़वां सुरंगें) बनाने की मंजूरी दे दी है। सुद्धमहादेव-द्रंगा व सिंहपोरा-वायलू जुड़वां सुरंगों को बनाने पर 9779.42 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सुद्धमहादेव-द्रंगा टनल उधमपुर को डोडा से जोड़ेगी तो सिंहपोरा-वायलू टनल 12,000 फुट ऊंचे सिंथन पास को बाईपास करेगी।

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टनल के निर्माण से उधमपुर-डोडा-किश्तवाड़ के बीच पूरे साल हर मौसम में संपर्क बना रहेगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ये सुरंगें न केवल यात्रा समय घटाएंगी बल्कि क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में भी बड़ा बदलाव लाएंगी।

नेशनल हाईवे-244 जम्मू को किश्तवाड़, अनंतनाग और श्रीनगर से जोड़ने वाला एक रणनीतिक मार्ग है। सर्दियों में बारिश के दिनों में भूस्खलन से यह मार्ग अक्सर अवरुद्ध हो जाता है जिससे स्थानीय लोगों और सेना के लिए आवाजाही मुश्किल हो जाती है। ट्विन टनल बनने के बाद यह मार्ग हर मौसम में खुला रहेगा जिससे यात्रा की सुगमता बढ़ेगी। इससे पर्यटन को नई उड़ान मिलने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। टनल के निर्माण की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट (एनएचआईडीसीएल) के पास रहेगी।

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उधमपुर से डोडा जाने में एक घंटे लगेगा कम
सुद्धमहादेव (उधमपुर)-द्रंगा (डोडा) के बीच डबललेन ट्विन टनल की कुल लंबाई 12.85 किलोमीटर होगी। इससे उधमपुर और डोडा के बीच यात्रा में लगने वाला समय एक घंटे तक कम हो जाएगा। सुरंग बन जाने से दोनों पहाड़ी जिलों में खराब मौसम के बाद भी मार्ग बंद नहीं होगा। इससे पूरे साल दोनों जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर रहेगी।

पहाड़ के तंग रास्तों और तीखे मोड़ से मिलेगी निजात
अप्रोच मार्ग सहित ये ट्विन टनल 38.61 किलोमीटर लंबी होगी। सुरंगों तक पहुंच के लिए दो लेन की एप्रोच रोड होगी। निर्माण पूरा होने के बाद यात्रियों को सिंथन पास की चढ़ाई चढ़ने से राहत मिल जाएगी। बर्फबारी के दौरान भी इस मार्ग का इस्तेमाल हो सकेगा। टनल निर्माण के बाद मार्ग पर हादसे की आशंकाएं कम होंगी। पहाड़ पर तंग रास्ते और तीखे मोड़ से मुक्ति मिलेगी।

2018 में शुरू हुआ था टनल के लिए सर्वेः
टनल निर्माण के लिए 2018 में सर्वे शुरू हुआ था। उस समय इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही का आकलन कर टनल का प्रारूप तैयार किया गया था। एनएचएआईडीसीएल की रिपोर्ट में 2037 तक टनल से साल भर में 94.48 लाख हल्के व भारी वाहनों के आवाजाही करने का अनुमान है।

अत्याधुनिक तकनीक का किया जाएगा इस्तेमाल
यह सुरंगें अत्याधुनिक तकनीक से बनाई जाएंगी जिसमें विशेष वेंटिलेशन सिस्टम, फायर प्रोटेक्शन, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन निकास मार्ग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। परियोजना के अंतर्गत टनल के दोनों सिरों पर चौड़ी सड़क, पुल और सुरक्षा दीवारों का भी निर्माण किया जाएगा। 
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दोनों सुरंगें इलाके में हर मौसम में आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी। चिनाब वैली में आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का इस मंजूरी के लिए आभार। उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री

इस परियोजना को बंद किए जाने की अफवाह फैलाई जा रही थी। सरकार ने मंजूरी देकर अफवाहों पर विराम लगा दिया है। टनल के निर्माण से सफर आसान होगा। डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर के लोगों को राहत मिलेगी। जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद। डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री
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