कृतिका की मौत नहीं हुई, बल्कि उसकी हत्या की गई है। हुडा प्रशासन ने
सड़कों पर गड्ढे नहीं भरे, जिसमें कृतिका की स्कूटी गिर गई। हम कृतिका की
मौत को ऐसे ही जाया नहीं जाने देंगे।
जब तक हुडा के अधिकारियों के खिलाफ
कार्रवाई नहीं हो जाती और शहर की सभी सड़कें ठीक नहीं होती, हम आंदोलन करते
रहेंगे। अपनी सहपाठी कृतिका की मौत पर दयाल सिंह कॉलेज के विद्यार्थियों
ने नम आंखों के साथ शहर में जुलूस निकाला और प्रशासन को यह चेतावनी दी।
विद्यार्थी जसकीरत, सिमरण, निशा, आंचल, अंकिता, काजल, शालू, दीक्षा, कनिका,
अमनप्रीत, अंजलि, श्रेया, हर्षिता, नैना, पलक, निशा, विकास, आयुष,
कार्तिक, शुभम, रविंद्र, परमजीत, लक्ष्य, साहिल गोयल, आंचल, भूमित, नवीन,
रोहित, रूपेश, हरीश, शुभम, निखिल, मोहित, तुषार ने कहा कि आगे कोई कृतिका
इस तरह प्रशासन की गलती का शिकार न हो, इसलिए आवाज उठाना जरूरी हो गया है।
उन्होंने इस हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की।
दो दिन पहले सेक्टर-13 कालड़ा
मार्केट के पास सड़क पर गड्ढे होने के कारण बारिश में बीकॉम की छात्रा
कृतिका की स्कूटी गिर गई। कृतिका का सिर सड़क पर लगा और उसकी मौत हो गई।
इसके चलते दयाल सिंह कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने निफा के विद्यार्थी विंग व
शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ मिलकर कॉलेज गेट से लघु सचिवालय तक जुलूस
निकाला और कृतिका को इंसाफ दिलाने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की
मांग के नारे लगाते हुए सचिवालय पहुंचे।
यहां उन्होंने एसडीएम सुशील मलिक
को एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस दुर्घटना का जिक्र करते हुए बताया
कि मृतक कृतिका अपनी स्कूटी पर सवार होकर कालड़ा मार्केट के पास से जा रही
थी जो सड़क पर बने गड्ढे को नहीं देख पाई, क्योंकि बारिश की वजह से पानी
भरा होने के कारण वह नजर नहीं आ रहा था। गड्ढे में स्कूटी के गिरते ही उसको
सिर पर चोट लगी, जिसकी वजह से उसकी अकाल मृत्यु हो गई।
हादसा नहीं लापरवाही का नतीजा
प्रदर्शन
में चल रहे निफा अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु व अधिकार संस्था के अध्यक्ष
एडवोकेट राजेश शर्मा ने कहा कि यह महज हादसा नहीं है, बल्कि लापरवाही का
नतीजा है। न तो सड़क पर गड्ढा खोदने वाले मकान मालिक ने इसे भरने की जरूरत
समझी और न ही हुडा विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी समझी इस गड्ढे
को भरवाया जाए, जबकि इसके लिए उन्हें बाकायदा रोड कट का शुल्क अदा किया
जाता है।
पंद्रह दिन पहले हुई थी दो छात्रों की मौत
ज्ञापन में
15 दिन पूर्व आईजी कार्यालय के पास हुए हादसे में मारे गए दो
विद्यार्थियों का जिक्र भी किया गया। उन्होंने इन हादसों का कारण सही स्पीड
ब्रेकर का न होना, सड़कों पर गड्ढे और राष्ट्रीय राजमार्ग की क्रासिंग पर
रेड लाइट न होना बताया। निफा संयोजक एडवोकेट नरेश बराना व प्रतिमा रक्षा
सम्मान समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा ने यह मांग की कि पूरे शहर का
सर्वे करवा कर जहां-जहां भी सड़काें पर गड्ढे हैं, उन्हें तुरंत भरवाया
जाए। सभी मैनहोल के ढक्कन लगवाए जाएं व सड़कों का निर्माण सही सामग्री
लगाकर करवाया जाए ताकि भविष्य में लोगों की जानों की रक्षा की जा सके।
जुलूस में सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, समाजसेवी मुकेश अरोड़ा भी शामिल
हुए।
कृतिका को दी मौन रखकर श्रद्धांजलि
सभी विद्यार्थियों व
समाजसेवियों ने लघु सचिवालय में दो मिनट का मौन रखकर मृतक छात्रा को
श्रद्धांजलि दी व उसकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। प्रदर्शन के दौरान
कृतिका की मौत पर विद्यार्थियों की आंखें नम रहीं और उनमें प्रशासन की
लापरवाही के खिलाफ गुस्सा झलक रहा था। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें
उम्मीद है कि जिला प्रशासन व पुलिस विभाग इस मामले को गंभीरता से लेगा और
दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो
वे अन्य कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी साथ लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर
होंगे।