मेधावी छात्र की बेरहमी के साथ पिटाई की गई है, लेकिन अभी तक इस मामले से पर्दा नहीं उठा सका है। जीएमसी में उपचाराधीन विशाल थापा के माता-पिता, बुआ और चाचा का कहना है कि चोरी के पैसे किसी अन्य छात्र के पास से मिले थे, लेकिन पिटाई विशाल को क्यों की गई।
यही नहीं, उस पर दबाव बनाया गया कि वह चोरी को कबूल करे, वरना उसका नाम स्कूल में लाल रंग की स्याही से लिख दिया जाएगा, जिसके बाद उसे किसी स्कूल में दाखिला नहीं मिलेगा। अगर चोरी कबूल नहीं की तो उसके माता-पिता को जेल करवा दी जाएगी, ऐसी धमकियां भी दिए जाने की बात सामने आ रही है।
आखिरकार चोरी साबित होने से पहले विशाल को धमकियां देकर जबरन कबूल करवाना और पिटाई करने के बाद इस बात की रिकार्डिगिं करना कि चोरी उसने ही की है, ये बातें कई सवाल खड़े कर रही हैं। मामले की गंभीरता के साथ जांच होने के बाद ही रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।
पिता बोधराज के मुताबिक बुधवार को पैसे चोरी होने की बात हुई तो उस दिन विशाल की तलाशी ली गई थी, लेकिन उसके पास से कुछ नहीं निकला था, रास्ते में अन्य छात्र के बैग से पैसे निकले थे। स्कूल वालों ने वीरवार को उन्हें बुलाया था और सारी बात बताई थी, जबकि विशाल ने चोरी नहीं की।
उन्होंने बताया कि सितंबर 2014 में स्कूल में कुछ विद्यार्थियों ने मारपीट करके विशाल का सिर फोड़ दिया था, इस बात को भी स्कूल वालों ने दबा दिया था।