हिट एंड रन मामले में सरकार की ओर से नया कानून बनाने का हर तरफ विरोध
पेट्रोल पंपों पर रही भारी भीड़, जगह-जगह लगा जाम, लोग होते रहे परेशान
सांबा जिला प्रशासन ने लोगों से की अफवाहों पर यकीन न करने की अपील, कहा-जिले में ईंधन की कमी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा/बिश्नाह/अखनूर। हिट एंड रन मामले में सरकार की ओर से नया कानून बनाने का हर तरफ विरोध हो रहा है। इसके विरोध में तेल टैंकर ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए। तब अफवाह उड़ी कि अब ईंधन नहीं मिलेगा। इसका प्रभाव ऐसा पड़ा कि सांबा और आसपास के इलाकों सहित राजोरी-पुंछ तक तक पेट्रोल और डीजल के लिए हाहाकार मच गया। पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ रही, और कई जगहों पर ईंधन मिल भी नहीं रहा। इसी बीच सांबा जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अफवाहों पर यकीन न करें।
सांबा में सुबह से ही पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतारें रहीं। दोपहर बाद कस्बे के तीनों पेट्रोल पंप सूख गए। इसके बाद लोग ईंधन के लिए दरबदर होने लगे। लोगों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की ओर रुख किया, तो वहां से भी निराश लौटना पड़ा। पेट्रोल को लेकर दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। जम्मू से सीमावर्ती गांव कंगवाला की ओर जा रहे गौरव ने बताया कि वह पेट्रोल के लिए जम्मू से सांबा तक आए, लेकिन कहीं पेट्रोल नहीं मिला। वह अपने रिश्तेदार की बाइक से पेट्रोल लेकर घर पहुंचे। एक महिला रजनी ने बताया कि वह अपने बेटे को ट्यूशन छोड़ने गईं। स्कूटी में पेट्रोल कम होने के कारण जब वह पेट्रोल पंप पर पहुंचीं तो पंप सूखा पड़ा था। हालांकि, घर तक पहुंचने के लिए उनके पास पेट्रोल था। इसलिए, वह घर पहुंच गईं।
एक अन्य व्यक्ति राकेश ने बताया कि बाइक में पेट्रोल खत्म होने पर जब वह पंप पर बोतल लेकर पहुंचे तो उन्हें साफ मना कर दिया गया। लेकिन, जब दो पुलिसकर्मी बोतल लेकर पहुंचे तो पंप के कर्मियों ने उन्हें पहले मना किया, लेकिन बाद में उन्हें तेल देने लगे। तब लोगों की पंप कर्मियों के साथ कहासुनी हुई, हल्ला भी किया। विजयपुर में पंप पर ईंधन लेने आए रशपॉल, विनोद कुमार, रवि कुमार ने बताया कि जब भी सरकार कोई विधेयक लाती है, परेशानी आम लोगों को ही होती है। सरकार को विधेयक लाने से पहले सोचना चाहिए। यहीं हाल बिश्नाह में भी रहा। जानकारी के अनुसार बिश्नाह में महज एक घंटे के अंदर ही छह पेट्रोल पंप पर तेल खत्म हो गया। इसके बाद पंप कर्मचारियों ने बंद का बोर्ड लगा दिया। ज्यौड़ियां में भी लोग तेल के लिए भटकते रहे। पुरमंडल में गाड़ी में तेल भरवाने गए नरेश कुमार, सुरेंदर थापा, दीपक कुमार, आदि ने बताया कि देर तक लाइन में लगने के बाद पंप कर्मियों ने बोल दिया कि तेल नहीं है। उनकी चिंता है कि अगर हड़ताल आगे बढ़ती है तो परेशानी बहुत बढ़ जाएगी।
वहीं, तेल टैंकरों की हड़ताल बढ़ने की जानकारी मिलने के बाद अखनूर नगर के तीनों पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ पहुंच गई। इसके बाद क्षेत्र के सोहल, बल्ले दा बाग और चक में भी पेट्रोल-डीजल भरवाने वालों की भीड़ पहुंची। दोपहर तक अखनूर नए पुल के पास थाती एवं डुमी हाईवे पर चारों पंपों पर भी गाड़ियों की कतारें थीं। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने नगर के तीनों पेट्रोल पंपों को बंद करवाया। थाना प्रभारी जहीर मन्हास ने बताया कि पंपों पर लोगों की भीड़ के कारण नगर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगी थी। बढ़ती अफरातफरी के चलते एहतियातन पंप बंद करवाए हैं। पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है। लोग संयम रखें। भीड़ न लगाएं।
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किसी को मिला ट्रैक्टर का टैंक भर ईंधन, कोई स्कूटी भी नहीं भरवा सका
वहीं, आरएस पुरा और मीरां साहिब में कई पेट्रोल पंपों पर मंगलवार को लोगों की दिनभर भीड़ रही। क्षेत्र में अधिकतर पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है। पंपों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देखने मिलीं। भीड़ को काबू करने के लिए पंपों पर प्रशासन को पुलिसकर्मी तैनात करने पड़े। आरएस पुरा में 20 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से अधिकतर पर तेल खत्म हो चुका है। एक तरफ जहां कई किसान ट्रैक्टर लेकर पंपों पर पहुंचे और टैंक फुल करवाने के साथ लेकर आए बैरल भी भरवा ले आए। वहीं, स्कूटी में पेट्रोल भरवाने आईं कावेरी शर्मा को पेट्रोल ही नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार को कोई भी कानून बनाने से पहले लोगो की दिक्कतों को समझना चाहिए।
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टैंकरों की हड़ताल की खबर ने सुखाए राजोरी के पंप
उधर, राजोरी में हिट एंड रन कानून के विरोध में टेंपो ट्रेवलर और ऑटो चालकों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यह कानून गलत है। इसे वापस लेना चाहिए। वहीं, पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की आशंका के चलते राजोरी शहर के जवाहर नगर और पांजा चौक में तीन पंपों पर मंगलवार शाम 4 बजे से पेट्रोल और डीजल लेने वालों की होड़ लग गई। देखते-देखते लंबा जाम लग गया, जो करीब 3 से 4 घंटे तक जारी रहा। जाम इतना लंबा था कि सेना के एक काफिले को अपना रूट ही बदला पड़ा। करीब 4 से 5 किमी लंबे जाम में एक एंबुलेंस भी फंसी रही। यह एंबुलेंस कोटरंका से मरीज को लेने जा रही थी। इसी बीच बुद्धल, कंडी, कालाकोट तहसीलों के दूरदराज के इलाकों के लोग भी फंसे रहे। वहीं, टैंकरों के चक्का जाम के कारण राजोरी के अधिक पंप सूख चुके हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह सभी पंपों पर ईंधन था। लेकिन, जैसे-जैसे तेल टैंकरों के चक्का जाम की खबर वायरल होती गई, पंपों से तेल गायब होता गया। शाम तक जवाहर नगर के 2 पंप, पांजा चौक के एक पंप पर ईंधन नहीं था। आसपास के इलाकों के कुछ पंपों पर ईंधन था, लेकिन बहुत जल्द उनके भी ड्राई होने की संभावना है। उधर, नौशेरा में भी ईंधन के लिए अफरातफरी मची रही।
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यूनियनों ने की चक्का जाम की घोषणा
पुंछ में भी सार्वजनिक वाहनों के चालकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी वकार यूनिस, इम्तियाज, राजिंदर सिंह, आदि ने केंद्र सरकार से मांग की कानून को वापस लिया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार के इस आदेश से कोई भी सड़क पर नहीं चल पाएगा। इस बीच जब पुंछ में खबर आई कि तेल टैंकर एसोसिएशन ने तीन दिन की हड़ताल शुरू की है, और अब पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा तो आनन फानन पंपों पर भारी भीड़ जुटने लगी। परिणामस्वरूप शाम को अंधेरा होने तक कुछ पंपों पर ईंधन खत्म हो गया। उधर, जम्मू-पुंछ बस ऑपरेटर यूनियन, ट्रक यूनियन, टैक्सी यूनियन और टाटा सूमो यूनियन ने बुधवार से चक्का जाम की घोषणा की है।