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कामछोड़ हड़ताल कर चिकित्सा कर्मियों ने मांगा हक

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जम्मू। डीपीसी सहित अन्य मांगों के समर्थन में मंगलवार को जम्मू संभाग के दस जिलों में चिकित्सा कर्मचारी सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक कामछोड़ हड़ताल पर रहे। इससे आपात सेवाओं को छोड़कर सामान्य सेवाएं प्रभावित रहीं। अस्पतालों में ओपीडी बंद रही और सामान्य ऑपरेशन भी नहीं हुए हैं। ब्लॉक और जिला स्तर पर अस्पतालों के बाहर कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया है। वहीं, 12 दिन में मांगें पूरी नहीं होने पर छह जून को पूरी तरह से कामकाज ठप करने की चेतावनी दी है।
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जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन जम्मू के बैनर तले चिकित्सा कर्मियों ने स्वास्थ्य निदेशालय परिसर, सरवाल अस्पताल, गांधीनगर अस्पताल, राजीव गांधी अस्पताल सहित अन्य जिला स्तर के अस्पतालों में इकट्ठे होकर धरना प्रदर्शन किए। इससे जिला सांबा, पुंछ, राजोरी, उधमपुर, रियासी, रामबन, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में पिछले चार साल से डीपीसी नहीं की गई है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति का लाभ लिए सेवानिवृत्त हो गए हैं। अंडर हेड 2211 परिवार कल्याण के तहत कार्यरत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों के वेतन के मुद्दे को भी हल नहीं किया गया है। पांच माह से वर्करों को वेतन जारी नहीं किया गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गांधीनगर अस्पताल और सरवाल अस्पताल सहित कई चिकित्सा केंद्रों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। उन्होंने फार्मासिस्टों के पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने को कहा। दूसरे राज्यों की तर्ज पर वृद्धा पेंशन योजना को बहाल किया जाए। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि आगामी हड़ताल में आपात सेवाओं को बाहर रखा जाएगा, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। इस बीच स्वास्थ्य विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों की हड़ताल से जिला स्तर के मेडिकल कालेजों और एसोसिएटेड अस्पतालों पर मरीजों का लोड रहा। जीएमसी जम्मू सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में मंगलवार को आम दिनों के मुकाबले अधिक मरीज पहुंचे।
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