खेती में युवाओं का बढ़ा रुझान, बीते वर्ष 35 किसान थे, इस बार 40 से ज्यादा ने उगाई स्ट्रॉबेरी
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। हजरतबल का गुसू इलाका स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है, जो स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक सिद्ध हो रहा है। यहां के किसान खासकर युवा इस खेती में काफी रुझान दिखा रहे हैं। लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी से फसल की पैदावार कम हुई है। अनुभवी स्ट्रॉबेरी किसान वसीम अहमद ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बारे में अनुभव साझा करते हुए कहा, यह मौसम काफी कठिन रहा, क्योंकि यह हमारे पक्ष में नहीं था और कई फसलें प्रभावित हुईं हैं, लेकिन हमारे पास, जो कुछ है हम उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं। स्ट्रॉबेरी भले ही उतनी बड़ी या प्रचुर मात्रा में नहीं उगी है, लेकिन उनके हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्र के निवासी फारूक ने कहा, जलवायु परिवर्तन के कारण इस वर्ष किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। वर्तमान में स्ट्रॉबेरी सीजन प्रतिकूल मौसम से प्रभावित है। स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि बनी हुई है। फसल अभी भी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है और किसानों की दृढ़ता कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। एक अन्य किसान मुजमिल ने कहा कि स्ट्रॉबेरी की खेती उनकी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण जरिया है। हालांकि इस साल पैदावार कम है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सामुदायिक समर्थन के साथ वे अभी भी सीजन में सफल हो सकते हैं। इस बार स्थानीय किसानों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है। मुजमिल ने कहा, कई युवा भी अब स्ट्रॉबेरी की खेती में रुझान दिखा रहे हैं। पिछले साल तक करीब 35 किसान थे, जो इस साल बढ़कर 40 से ऊपर हो गए हैं। किसान बुरहान ने कहा, उन्होंने अपने एक मित्र को देखकर स्ट्रॉबेरी उगाना शुरू की। अभी पैदावार कम है, लेकिन अनुभव बढ़ने के साथ काम और आसान होगा।