फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिन्हें पाकिस्तान समझता था कमजोर उन्होंने ने ही लाहौर में फहरवा दिया तिरंगा

Mon, 03 Oct 2016 09:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
1 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
पाकिस्तान के राष्ट्रपति अब्दुल अय्यूब सोचते थे कि 1965 की लड़ाई में भारत कभी भी एलओसी पार नहीं करेगा । दरअसल अय्यूब के ये सोचने के पीछे एक पूर्वाग्रह था । जवाहरलाल नेहरू के देहान्त के बाद भारत के प्रधानमंत्री बने लाल बहादुर शास्त्री को पाकिस्तान एक कमजोर प्रधानमंत्री की नजर से देखता था । पर कैसे इन छोटे से कद वाले प्रधानमंत्री ने लाहौर में लहरा दिया भारत का तिरंगा झंडा- तस्वीरें 
विज्ञापन

2 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
लाल बहादुर शास्त्री खुद भी एक सामान्य परिवार से आते थे और छोटी कद काठी के एक मृदुभाषी नेता थे । पाकिस्तान समझता था कि शास्त्री कभी भी सेना को सीमा पार कोई कार्रवाई करने की अनुमति नहीं देंगे । 
विज्ञापन

3 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
पर पाकिस्तान का ये पूर्वाग्रह ही उसकी हार का कारण बन गया । जब भारत की फौज को पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का पता चला तो सेना ने भी बिना देर किये सीमा पार कार्रवाई करने का मन बना लिया । 

4 of 10
लाल बहादुर शास्त्री - फोटो : BBC
1965 की लड़ाई में भारतीय सेना के जवानों के हौसलों के आगे पाकिस्तान के सेना बौनी हो गयी थी। आलम ये था कि कश्मीर को हासिल करने का सपना देखने वाला पाकिस्तान खुद लाहौर और सियालकोट को खो देने की कगार पर आ गया था ।
विज्ञापन

5 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
सेना के अदम्य साहस के बल पर भारत लाहौर तक कब्जा करने की स्थिति में पहुंच चुका था । भारत की सेना अटारी के रास्ते वाघा सीमा को पार करते पाकिस्तान के 18 किमी अंदर लाहौर तक पहुंच गयी थी ।
विज्ञापन

6 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
पाकिस्तान को घेरने के लिए शिमला से एक रोज पहले पंजाब पहुंची सेना की 9 जैकलाई रेजीमेंट ने वाघा सीमा पार करके लाहौर की तरफ कूच की थी  । जैकलाई को आक्रमण के एक रोज पहले ही शिमला से पंजाब आने को कहा गया था ।  
विज्ञापन

7 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
लाहौर के रास्ते पर बढ़ रही भारतीय सेना के 9 जैकलाई के जवानों को पता चला कि भारतीय सेना की एक टुकड़ी को पाकिस्तानी सैनिकों ने घेर लिया है, इस कारण एक बार कुछ देर के लिए भारतीय सैनिकों को मोर्चे से पीछे भी हटना पड़ा ।

8 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
पर इस बात की जानकारी के बाद इन जवानों ने मिग 58 गन से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी । दूसरी ओर इसी मोर्चे पर भारतीय वायुसेना ने भी बमबारी करते हुए पाकिस्तानी सैनिकों के हौसले को तोड़ दिया ।

9 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
भारत की ओर से इतने मजबूत पलटवार से पाक की सेना के मंसूबे कमजोर हो गये । सेना के हौसले से पाकिस्तान की सेना को 18 किमी तक पीछे ढ़केलने में कामयाबी मिली । भारतीय फौज ने लाहौर पर कब्जा कर लिया और वहां एक पुलिस स्टेशन पर तिरंगा लहरा दिया गया । 
विज्ञापन

10 of 10
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
इस कब्जे के बाद भारत की सरकार और सेना ने सीजफायर की घोषणा कर दी । जैकलाई रेजीमेंट में तैनात इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अगर सीजफायर न हुआ होता तो लाहौर और सियालकोट पर भारत का कब्जा बना रहता । इस लड़ाई में भारत की जीत का पूरा श्रेय सेना और प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व को ही दिया जाता है । 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें