प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती पुलिस
- फोटो : PTI
जुमे की नमाज को देखते हुए शुक्रवार को घाटी के कुछ और इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया। श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्रों के अलावा अनंतनाग शहर में पहले से ही कर्फ्यू जारी है। अलगाववादियों के ईदगाह चलो आह्वान के चलते सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी गई थी। कई प्रमुख मस्जिदों में नमाज नहीं हो सकी।
शुक्रवार को बांदीपोरा में हिंसक प्रदर्शन हुआ। वीरवार रात से ही घाटी भर में सिर्फ बीएसएनएल की ही मोबाइल सेवाएं चल रहीं हैं। निजी मोबाइल कंपनियों की सेवाएं बंद कर दी गईं हैं। मोबाइल इंटरनेट भी लगातार बंद है।
अलगाववादियों के आह्वान को देखते हुए पूरे श्रीनगर जिले में शुक्रवार को कर्फ्यू लागू कर दिया गया। शोपियां, बारामुला, अवंतिपोरा तथा पांपोर में भी कर्फ्यू लगा दिया गया। गांदरबल, बडगाम, चाडूरा, मागाम, कुंजर, टंगमर्ग तथा पट्टन में भी एहतियातन कर्फ्यू लगाया गया।
विधायक रशीद को धरने से हटाती पुलिस
- फोटो : PTI
श्रीनगर के नौहट्टा स्थित मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया गया था। इसके चलते पांचवें शुक्रवार को भी जामिया मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ी जा सकी। प्रेस कालोनी में 72 घंटे के धरने पर बैठे अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष और विधायक इंजीनियर रशीद को सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया।
इस दौरान रशीद समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। एआईपी समर्थकों का दावा है कि धरने की सूचना पर सुबह से ही पुलिस ने छापामारी कर 35 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद भी समर्थक बचते बचाते प्रेस कालोनी पहुंचने में सफल रहे।
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में जुमे की नमाज खत्म होने के तुरंत बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। युवाओं ने रेंजर खान इलाके में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों पर पथराव किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। हाजिन इलाके में भी पत्थरबाजी की घटना हुई। जामिया मस्जिद से नौपोरा तक जुलूस निकाला गया।
इसके साथ ही जिले में कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। उधर, अलगाववादियों के बंद के आह्वान की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। स्कूल, कालेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप शुक्रवार को भी बंद रहे। सड़कों पर वाहन भी नहीं दिखे।