इन युवाओं को घाटी में ही कुछ अलगाववादी नेता एवं राजनीतिक नेता फंडिग कर रहे हैं। ग्रेनेड दागने पर पांच हजार और गोली चलाने पर दस हजार रुपये दिए जा रहे हैं। सीमा पार से आईएसआई और हवाला राशि से भी इनकी फंडिग की जा रही है।
सुरक्षा बलों में अफरा तफरी और परेशान करने के लिए युवाओं को चैनलाइज किया गया है। इन हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने कई जगह पर कासो भी चलाया। लेकिन कहीं से कोई सफलता नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार इन हमलों में अधिकतर स्थानीय युवा ही शामिल हैं।
इन युवाओं की पहचान नहीं होने के कारण सुरक्षा बल भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं। एडीजीपी मुनीर खान के अनुसार इन घटनाओं के मद्देनजर घाटी में गश्ती दल को और सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। कश्मीर में हाल फिलहाल में सुरक्षा बलों की चौकियों पर ग्रेनेड दागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।