रियासत के वित्त विभाग के सभी अधिकारियों को सालाना संपत्ति ब्योरा जमा करने की हिदायत दी गई है। ब्योरा 31 जनवरी तक देना है। इसमें स्वयं और परिवार के सदस्यों की ओर से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा देने को कहा गया है।
वित्त विभाग के एकाउंट्स तथा ट्रेजरी निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जेके एकाउंट्स गजटेड सर्विस, कश्मीर सबआर्डिनेट एकाउंट्स सर्विस तथा एकाउंट्स एवं ट्रेजरी आर्गेनाइजेशन के कर्मचारी वर्ष 2015 का सालाना संपत्ति ब्योरा तय समय अवधि में डायरेक्टर जनरल के पास पहुंच जाना चाहिए।
ब्योरा जमा न करने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई होगी। इसके लिए संबंधित कर्मचारी से किसी प्रकार का पत्र व्यवहार नहीं किया जाएगा।
कश्मीर सबआर्डिनेट एकाउंट्स सर्विस के क्लास-दो एवं तीन (एकाउंटेंट एवं एकाउंट्स असिस्टेंट) और अन्य नान गजटेड कर्मचारियों को भी 31 जनवरी तक ब्योरा जमा करने को कहा गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न करने की हिदायत दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से यह आदेश जारी किया गया है कि सभी सरकारी मुलाजिमों को सालाना संपत्ति ब्योरा जमा करना होगा। इसमें स्वयं तथा परिवार के सदस्यों की ओर से अर्जित संपत्ति, संपत्ति में बढ़ोतरी की वजह तथा उसके स्रोत की जानकारी बतानी होगी।
यह भी कहा गया है कि स्पष्ट आदेश होने के बाद भी कर्मचारियों की ओर से तय समय पर ब्योरा नहीं दिया जाता है। इसकी वजह से बार-बार रिमाइंडर देना पड़ता है। यह स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। किसी भी कीमत पर तय समय में संपत्तियों का ब्योरा देना होगा।