विधानसभा में बोलतीं महबूबा मुफ्ती
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राज्य के सरकारी मुलाजिमों को सातवें वेतन आयोग का लाभ हासिल करने के लिए कम से कम दो वर्ष तक का इंतजार करना होगा। राज्य की माली हालत सातवें वेतन आयोग को तत्काल लागू करने के लिए इजाजत नहीं दे रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विधान परिषद में दी।
बजट सत्र के समापन पर महबूबा ने कहा कि वित्तीय मोर्चे पर सरकार को कई मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) की 20 हजार करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि की देनदारी शामिल है। जीपीएफ की यह राशि गायब है।
उन्होंने विधान परिषद में कहा कि सरकार के सामने 61 हजार कैजुअल मुलाजिमों को नियमित करने की भी चुनौती है जिसके लिए तंत्र विकसित किया जा रहा है। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
महबूबा ने कहा कि सरकार मुलाजिमों के कल्याण के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने को प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की। इससे देश भर में एक करोड़ से अधिक मुलाजिमों को लाभ मिलेगा।