पच्चीस मई से शुरू हो रहे महबूबा मुफ्ती सरकार के पहले बजट सत्र के लिए सियासत गर्मानी लगी है। विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस यहां सत्तापक्ष को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की मोर्चा बंदी में जुटे है तो सत्तापक्ष पीडीपी भाजपा गठबंधन विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाने में जुटा है।
इसी बीच पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता डा. महबूब बेग ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया हैं कि वह लोगों को गुमराह करने के लिए कश्मीर में सैनिक कालोनी, कश्मीरी पंडित विस्थापितों के पुनर्वास, औद्योगिक नीति आदि मुद्दों पर बेवजह शोरगुल कर रही है।
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता डा. महबूब बेग का कहना हैं कि सरकार खासतौर से मुख्यमंत्री की ओर से अपना पक्ष साफ करने के बावजूद कश्मीर में सैनिक कालोनी, कश्मीरी पंडित विस्थापितों के पुनर्वास मामलों को विपक्ष सियासी रंग दे रहा है।
बेग का कहना हैं कि सरकार कह चुकी हैं कि कश्मीर पंडित विस्थापितों के लिए एक्सक्लूसिव कालोनियां नहीं बनेगी और मिक्स कम्यूनिटी कालोनियां बनाई जाएगी। हालांकि फैसला लेने से पूर्व सरकार सभी हकदारों से चर्चा करना चाहती है। सरकार रियासत के विशेष दर्जे को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और गठबंधन सरकार एजेंडा आफ अलायंस पर चल रही है।
वहीं, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना हैं कि पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार हर क्षेत्र में नाकाम रही है। लोगों से किए वादों को भूल गई है। बजट सत्र में कांग्रेस लोगों की समस्याओं को उठाने के अलावा सरकार की नाकामियों को भी दर्शाएगी।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बजट सत्र पर रणनीति को आखिरी रूप देने के लिए पीडीपी, भाजपा, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की पार्टी स्तर पर विधायक दल की बैठके 23 और 24 मई को होगी।