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नाटक दो कलाकार का मंचन : किराये से बचने के लिए मकान मालिक को दिखाए सब्जबाग

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दो कालाकार नाटक का मंचन करते कलाकार
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जम्मू। चूड़ामणि और मार्तंड दो दोस्त हैं। दोनों कलाकार हैं। चूड़ामणि कवि और मार्तंड चित्रकार है। वे अपनी-अपनी रचनात्मक शक्तियों के साथ बॉलीवुड पर राज करने की इच्छा रखते हैं। लेकिन नियति उन्हें ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां दोनों को अपने मकान मालिक के उत्पीड़न से बचने के लिए रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग स्थितियों को बनाने और कहानियां गढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने पिछले छह महीनों से एक गंदे कमरे का किराया भी नहीं दिया है। भगवती चरण वर्मा द्वारा लिखित और नीरज कांत द्वारा निर्देशित यह हिंदी नाटक दो कलाकार का मंचन रविवार को नटरंग स्टूडियो में साप्ताहिक संडे थिएटर शृंखला में किया गया। हालांकि कॉमेडी की मोटी परत से ढके इस नाटक में दर्शकों के साथ साझा करने के लिए एक बहुत ही प्रासंगिक संदेश था, जिसे कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
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नाटक की शुरुआत ऐसी स्थिति से होती है जहां कवि और चित्रकार दोनों ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया है, छह महीने से किराया भी नहीं भरा है। मकान मालिक उनसे किराया लेने के लिए आता है। मकान मालिक रोकने के सभी असफल प्रयासों के बावजूद जबरदस्ती प्रवेश करता है। जब दोनों फंस जाते हैं तो अपने रचनात्मक दिमाग का सहारा लेते हैं और मकान मालिक को प्रभावित करने के लिए अत्यधिक तार्किक बहाने बनाना शुरू कर देते हैं।
दोनों उसे इस हद तक सपने दिखाते हैं कि उन्हें किराए पर दिया गया कमरा संग्रहालय बन जाएगा। जो कभी कविता और चित्रकला की दुनिया की महान प्रतिभाओं की मेजबानी करता था। उनके सपनों और वास्तविकता के बीच माप से परे दूरी पाकर मकान मालिक उनके तर्कों को मानने से इंकार कर देता है और समाज की और अस्वीकृति और निराशा का सामना करने के लिए उन्हें कमरे से बाहर निकाल देता है। कवि और चित्रकार दोनों को इस समय यह अहसास होता है कि हमारे पीछे हजारों वर्षों की सभ्यता होने के बावजूद यह दुनिया रचनात्मक लोगों के लिए नहीं है। चूड़ामणि की भूमिका में शेरयार सलारिया, मार्तंड के किरदार में अभिमन्यु चौधरी, बुलाकी दास के रूप में सुमित बंदराल, राम नाथ के रूप में चिराग आनंद और परमानंद के रूप में आदेश धर ने अपनी भूमिकाएं निभाईं। नाटक की लाइटिंग नीरज कांत द्वारा की गई, जिन्होंने ध्वनि भी दी। नाटक का संचालन मो. यासीन एवं प्रस्तुतिकरण गोपी शर्मा ने किया।
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