संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। विश्व मधुमेह दिवस पर जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को श्रीनगर के प्रसिद्ध क्लॉक टावर (घंटाघर) लाल चौक से वॉकथॉन कस आयोजन किया गया। इसे कश्मीर संभाग के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग और डायरेक्टर स्किम्स एवं ईओएसजी प्रो. एम अशरफ गनी ने संयुक्त रूप से रवाना किया।
अपने संबोधन में मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने स्किम्स के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बीमारी की शुरुआती रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। क्षेत्र में मधुमेह के बढ़ते मामलों पर काबू पाने के लिए जन-भागीदारी बेहद जरूरी है। प्रो. अशरफ गनी ने कहा कि स्थानीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा मधुमेह से प्रभावित है इसलिए निरंतर जागरूकता की जरूरत है।
उन्होंने शुरुआती रोकथाम पर बल देते हुए चेतावनी दी कि अनियंत्रित मधुमेह समय पर प्रबंधन न होने पर गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनानी होगी। शहरी आबादी में मधुमेह का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक है। उन्होंने जनता से सक्रिय जीवन और संतुलित आहार अपनाने की अपील की।
वॉकथॉन के बाद राजबाग के जॉगर्स पार्क में स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। यहां स्किम्स के विशेषज्ञों ने लगभग 300 लोगों की जांच की। चौंकाने वाली बात यह रही कि 40-45 वर्ष आयु वर्ग के 20 लोगों में पहली बार मधुमेह का पता चला जो बीमारी के बढ़ते बोझ को दर्शाता है। इन नए मरीजों को आगे की जांच और इलाज के लिए स्किम्स के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में संपर्क करने को कहा गया। मधुमेह की रोकथाम, शुरुआती पहचान और जीवनशैली में बदलाव संबंधी शैक्षणिक पंफ्लेट भी वितरित किए गए।