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Jammu News: व्यस्त समय में बिजली सरचार्ज बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध, सियासत शुरू

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- राजनीतिक दलों ने कहा-यह प्रस्ताव कश्मीर के लोगों के साथ एक बड़ा अन्याय है
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अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केपीडीसीएल) के पीक आवर्स में बिजली के इस्तेमाल पर 20 प्रतिशत सरचार्ज लगाने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। इस मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है। घाटी के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है।
एक्स पर एक पोस्ट में अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद अल्ताफ बुखारी ने इस प्रस्ताव को कश्मीर के लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय बताया। उन्होंने लिखा कि ये प्रस्ताव उन लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है जो पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हमारी ज्यादातर आबादी पर्यटन और हॉर्टिकल्चर पर निर्भर है। इन सेक्टर्स को इस साल भारी नुकसान हुआ है। दूसरे व्यवसाय भी कम हो रहे हैं। ऐसे समय में सुबह और शाम के लिए बिजली के शुल्क बढ़ाना सही नहीं। वो भी तब जब परिवार कड़ाके की ठंड में सबसे ज्यादा बिजली पर निर्भर होते हैं।
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बुखारी ने कहा कि सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह ऐसा कोई कदम उठाने से पहले लोगों की आर्थिक मुश्किलों पर विचार करे। मैं अधिकारियों से गुजारिश करता हूं कि उन लोगों पर थोड़ी दया करें जो पहले से ही बोझ तले दबे और परेशान हैं।'''''''' पीडीपी के पुलवामा से विधायक वहीद पर्रा ने भी इस प्रस्ताव की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को बिजली के शुल्क बढ़ाने से पहले जमीनी स्तर पर जांच करनी चाहिए। पॉश इलाकों के लोग शायद इसे महसूस न करें लेकिन आम कश्मीरियों के लिए सर्दी जिंदा रहने की लड़ाई है। कश्मीर में बिजली लग्जरी नहीं बल्कि लाइफ सपोर्ट है। गरीब और मध्य वर्ग पर शुल्क बढ़ाना बेरहम और बहुत बुरा होगा।
वहीं पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के राज्य सचिव शेख मोहम्मद इमरान ने भी इस प्रस्ताव के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार की आलोचना की। इमरान ने एक्स पर लिखा कि सरकार ठीक उस समय 20 प्रतिशत सरचार्ज बढ़ाने पर जोर दे रही है जब लोगों को बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत है और उमर अब्दुल्ला चाहते हैं कि सब चुप रहें। उन्हें क्या लगता है कि क्या होगा जब कड़ाके की सर्दी में पीक आवर्स में परिवार ठंड और अंधेरे में बैठे रहेंगे? यह उन वादों के साथ पूरी तरह धोखा है जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान किए थे। इमरान ने कहा कि हमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया था। मुख्यमंत्री का दोहरा रवैया साफ दिख रहा है।
न केवल राजनीतिक दल बल्कि लोगों में दिन भर इस बात को लेकर चर्चा रही। लोगों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि अगर अधिकतर जगह मीटर लगे हुए हैं तो ऐसे में सरचार्ज लगाने का कोई मतलब नहीं बनता। जो जितनी बिजली इस्तेमाल करेगा उसका बिल उसी अनुसार आएगा। अब लोगों पर है कि वह बिजली का इस्तेमाल किस तरह करते हैं लेकिन 20 प्रतिशत सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव सरासर जुल्म है।

यह है केपीडीसीएल का प्रस्ताव


केपीडीसीएल ने घाटी में पीक आवर्स में बिजली के इस्तेमाल पर 20 प्रतिशत सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव दिया है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) से पीक आवर्स के दौरान एग्रीकल्चर सेक्टर को छोड़कर सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर 20 प्रतिशत सरचार्ज लगाने की मंजूरी मांगी गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए जेईआरसी के समक्ष दायर की गई एक याचिका के अनुसार केपीडीसीएल ने घरेलू इस्तेमाल समेत अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए सरचार्ज का प्रस्ताव दिया है। जेईआरसी जो एक क्वासी-ज्यूडिशियल (अर्ध न्यायिक) बॉडी है इस प्रस्ताव को मंजूरी देने या नकारने का अधिकार रखती है। केपीडीसीएल के एमडी महमूद अहमद शाह ने बताया कि केपीडीसीएल ने दिन के पीक आवर्स के लिए शुल्क पर 20 प्रतिशत सरचार्ज का प्रस्ताव दिया है। अभी तक रेगुलेटरी कमीशन ने कोई फैसला नहीं लिया है।


केसीसीआई ने किया याचिका की सुनवाई के दौरान विरोध

जानकारी के मुताबिक केपीडीसीएल की याचिका पर सुनवाई के दौरान कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीआई) ने इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया। केसीसीआई की ओर से सेक्रेटरी जनरल फैज अहमद बख्शी ने दलील दी कि केपीडीसीएल का यह दावा करना गुमराह करने वाला है कि उसने शुल्क नहीं बढ़ाए हैं जबकि साथ ही पीक आवर्स में सरचार्ज का प्रस्ताव दिया है। केसीसीआई ने कहा कि चूंकि इन घंटों में बिजली का इस्तेमाल एक जरूरत है इसलिए इसे एक्स्ट्रा चार्ज मानना पूरी तरह से गलत है। आंकड़ों का हवाला देते हुए केसीसीआई ने कहा कि कश्मीर में बिजली की सबसे खराब विश्वसनीयता है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के 2022 के आंकड़ों के मुताबिक कश्मीर के लिए सिस्टम एवरेज इंटरप्शन ड्यूरेशन इंडेक्स (एसएआईडीआई) चौंकाने वाला 889 है जबकि सिस्टम एवरेज इंटरप्शन फ्रीक्वेंसी इंडेक्स (एसएआईएफआई) 723.95 है। ये आंकड़ा 116.12 और 171.64 के राष्ट्रीय औसत से कई गुना ज्यादा हैं। यहां तक कि जम्मू भी अपनी दिक्कतों के बावजूद 489 के एसएआईडीआईऔर 442 के एसएआईएफआई के साथ काफी बेहतर है।
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20 प्रतिशत सरचार्ज का विरोध करेंगे: तनवीर सादिक

नेशनल कांफ्रेंस के विधायक और मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक कहा कि वह बिजली पर प्रस्तावित 20 प्रतिशत सरचार्ज का कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने इसे अनुचित और गलत समय पर बताया। एक्स पर अपने पोस्ट में सादिक ने लिखा कि बिजली एक जरूरत है, लग्जरी नहीं। कहा कि प्रशासन जम्मू और कश्मीर के लोगों पर ऐसे किसी भी कदम का बोझ नहीं पड़ने देगा।
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