बांदीपोरा। आदिवासी समुदायों के कृषि सशक्तीकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम उठाते हुए शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर ने कृषि विज्ञान केंद्र गुरेज के सहयोग से, जनजातीय उपयोजना ऑन सीड्स के अंतर्गत श्रीनगर केंद्र में दो दिवसीय मेगा आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस पहल के तहत स्कॉस्ट की सबसे नवीन गेहूं किस्म शालीमार गेहूं-तीन को गुरेज घाटी के आदिवासी किसानों के लिए औपचारिक रूप से पेश किया गया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि नवीनतम कृषि तकनीक का लाभ नियंत्रण रेखा के किनारे बसे अंतिम गांवों जिनमें चोरवान, गुजरां, अब्दुलैन और चकवाली शामिल हैं, तक भी पहुंचे। वैज्ञानिक पद्धतियों के साथ रिकॉर्ड 70 क्विंटल बीज घाटी में 70 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 700 आदिवासी किसानों के बीच वितरित किए गए। संवाद