केयू के प्रो. जिलानी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया
- कश्मीर विश्वविद्यालय के अर्थ और पर्यावरण विज्ञान स्कूल के डीन एवं भूविज्ञान विभाग के हेड हैं प्रो. जीलानी
- आइसोटोप हाइड्रोलॉजी और हिमालयी पर्यावरण अध्ययन पर शोध के लिए उन्हें दिया गया है यह सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) के अर्थ और पर्यावरण विज्ञान स्कूल के डीन और भूविज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो. गुलाम जीलानी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया।
प्रो. जीलानी को आइसोटोप हाइड्रोलॉजी और हिमालयी पर्यावरण अध्ययन पर उनके शोध के लिए यह सम्मान दिया गया है। उनके शोध ने इस क्षेत्र में जल संसाधन, ग्लेशियर और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की समझ को काफी बढ़ाया है।
केंद्रीय खनन मंत्रालय द्वारा स्थापित यह पुरस्कार भूविज्ञान के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। प्रो. जीलानी को बधाई देते हुए कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कहा कि ‘आइसोटोप हाइड्रोलॉजी’ के क्षेत्र में उनके काम ने वैज्ञानिक ज्ञान में अमूल्य योगदान दिया है। पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों से निपटने में मदद की है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रो. जीलानी को मिला यह सम्मान केयू में हो रहे शोध कार्यों की गुणवत्ता को दर्शाता है।
कुलपति ने कहा कि इससे शिक्षकों और छात्रों को और अधिक लगन से शोध करने के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह सम्मान विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध में बढ़ती प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है। यह संस्था की वैज्ञानिक अध्ययनों में उपलब्धियों और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों से निपटने में उसके योगदान और अगली पीढ़ी के विद्वानों एवं शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगा।
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