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पीडीपी जासूसों की पार्टी : शेख इमरान

Mon, 22 Sep 2025 02:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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- बोले-महबूबा ने एकीकृत कमान के जरिए कश्मीरियों को निशाना बनाया
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के राज्य संगठन सचिव शेख मोहम्मद इमरान ने रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को जासूसों की पार्टी बताया। उन्होंने पीडीपी के नेतृत्व पर कश्मीर में दशकों से चल रहे विश्वासघात, जोड़-तोड़ और सुनियोजित रक्तपात का आरोप लगाया।
शेख इमरान ने कहा कि पीडीपी की बुनियाद ही जासूसी पर टिकी है। मुफ्ती मोहम्मद सईद कश्मीर में कभी चुनाव नहीं जीते फिर भी उन्हें उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ाया गया और बाद में केंद्रीय गृह मंत्री नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल में हंदवाड़ा मुठभेड़, हवाल मुठभेड़, श्रीनगर मुठभेड़, वुलर ऑपरेशन, कुनान पोशपोरा और बिजबेहरा ऑपरेशन चलाए गए। वे आम नागरिकों को गिरफ्तार करते थे और बाद में उनकी रिहाई के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करते थे।
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उन्होंने पीडीपी के हालिया दावों का खंडन किया कि सज्जाद लोन ने पार्टी नेताओं को डराने के लिए एनआईए का इस्तेमाल किया। शेख इमरान ने याद दिलाया कि महबूबा मुफ्ती ने खुद इन्हीं नेताओं को पार्टी छोड़ने पर कचरा करार दिया था। शेख इमरान ने एकीकृत कमान के प्रमुख के रूप में महबूबा मुफ्ती की भूमिका के बारे में गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद पर यासीन मलिक की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया।

भाजपा की मदद से मुझे फंसाया
इमरान ने भाजपा की मदद से पीडीपी की ओर से रचे गए बैंक मामलों में खुद को गलत तरीके से फंसाए जाने का भी जिक्र किया और इसकी तुलना शेरिफ ट्रांसपोर्ट के डिफॉल्ट के बावजूद रुबिया सईद के पति को मिली छूट से की। उन्होंने कहा कि क्या बैंक कर्ज माफी का इस्तेमाल जासूसी और यासीन मलिक की पहचान के लिए किया गया था। मुफ्ती सईद के गृह मंत्री रहते हुए लगभग 1500 लोग मारे गए
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इमरान ने कहा वे उच्च-स्तरीय जासूस हैं जिन्होंने हिज्बुल मुजाहिदीन और जमात-ए-इस्लामी के साथ सांठगांठ की और बाद में उनकी गिरफ्तारियों और प्रतिबंधों की योजना बनाई। इसके विपरीत मुफ्ती सईद के गृह मंत्री रहते हुए, लगभग 1,500 लोग मारे गए और महबूबा मुफ्ती के शासनकाल में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
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