श्रीनगर। मीरवाइज उमर फारूक ने किश्तवाड़ हादसे पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर कहा कि किश्तवाड़ में बादल फटने से 65 लोगों की जान चली गई। 100 से ज्यादा लोग घायल हुए और कई लापता हैं। यह एक हृदयविदारक त्रासदी है और ईश्वर की ओर से एक परीक्षा भी।
उन्होंने कठुआ में बादल फटने से हुई निर्दोष लोगों की मौत पर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के लिए प्रार्थना की। जम्मू-कश्मीर के हिमालय में पेड़ों की कटाई, सड़क निर्माण, अनियंत्रित निर्माण और पर्यटन प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ रहे हैं जिससे बारिश बर्बादी में बदल रही है। यह एक चेतावनी है। नीति निर्माताओं को दूरदर्शिता से काम करना चाहिए। हमें जीवन की रक्षा के लिए प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए। ब्यूरो