- मंत्री ने की भविष्य निर्माण मिशन की सराहना की, कृषि क्षेत्रों में इसके विस्तार की घोषणा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज, सहकारिता एवं चुनाव विभाग मंत्री जावेद अहमद डार ने वीरवार को हिमायत योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उसने एक अनूठा मंच तैयार किया है जो ग्रामीण युवाओं को अपने कौशल को आकार देने और स्वतंत्र भविष्य बनाने का अवसर प्रदान करता है।
श्रीनगर में हिमायत पूर्व छात्र सम्मेलन 2025 में कई लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। डार ने कहा कि अधिकांश प्रतिभागी साधारण पृष्ठभूमि से आए थे और दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के माध्यम से जीवन में आगे बढ़े हैं। हिमायत एक अनूठा मंच है जो ग्रामीण युवाओं को अपने कौशल को आकार देने और स्वतंत्र भविष्य बनाने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज की दुनिया में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, कौशल ही असली मुद्रा है। मंत्री ने आग्रह किया कि कौशल विकास का विस्तार आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा परीक्षण, पशुधन देखभाल और यहाँ तक कि कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग तक भी होना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई दी और देश भर में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पर्व पहल की सराहना की।
ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज सचिव, मोहम्मद एजाज असद ने कहा कि यह आयोजन केवल एक पूर्व छात्र मिलन समारोह नहीं था, बल्कि एक ऐसा सफ़र था जो जम्मू-कश्मीर के दूरदराज के इलाकों के युवाओं की संघर्ष और सफलता की कहानियों को दर्शाता है, जिन्होंने हिमायत मिशन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी है।
कृषि, डेयरी, बागवानी और खेती में शुरू होगी हिमायत
असद ने घोषणा की कि हिमायत 2.0 जल्द ही कृषि, डेयरी, बागवानी और खेती सहित अतिरिक्त प्रशिक्षण क्षेत्रों के साथ शुरू किया जाएगा। इन क्षेत्रों को जोड़कर, हमारा लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को सफलता के अधिक अवसर और रास्ते प्रदान करना है। हिमायत के मुख्य परिचालन अधिकारी, रजनीश गुप्ता ने बताया कि अब तक, हिमायत ने 34,000 से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया है और उनमें से लगभग 15,000 को सफलतापूर्वक रोजगार मिला है।