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गांधीवादी सिद्धांतों का पालन करें और स्वदेशी को बढ़ावा दें : उपराज्यपाल

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celebration of gandhi jayanti
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-कहा-महात्मा गांधी ने जम्मू-कश्मीर में आशा की किरण देखी थी और इस क्षेत्र के लिए प्रार्थना की थी कि वह देश को रोशनी दिखाए
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बापू के आदर्श संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी से गांधीवादी सिद्धांतों का पालन करने और स्वदेशी को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
एलजी ने कहा कि युवा पीढ़ी में अहिंसा, सत्य, सहिष्णुता और करुणा के मूल्यों का संचार करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम ऐसे समय में जी रहे हैं जब वैश्विक चुनौतियां शांति और स्थिरता को कमजोर कर रही हैं। हमें समकालीन चुनौतियों का समाधान करने के लिए पूज्य बापू के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। वह श्रीनगर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व बापू के सपनों को हकीकत में बदल रहा है। गांधी जी जिस निस्वार्थ सेवा और कर्तव्य के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध थे, वही सिद्धांत हमें विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में मार्गदर्शन करेंगे। आर्थिक समृद्धि के साथ हम नैतिक बल से संचालित और समता एवं न्याय पर आधारित समाज के निर्माण के लिए कृतसंकल्प हैं। गांधी जी जम्मू-कश्मीर में शांति और समृद्धि देखना चाहते थे। उन्होंने (गांधी जी) कहा था कि उन्हें इस धरती में आशा की किरण दिखाई देती है। मैं प्रार्थना करता हूं कि जम्मू-कश्मीर इस कठिन समय (1947 के विभाजन काल) में पूरे देश को प्रकाश दिखाने के लिए एक चमकते सितारे के रूप में उभरे।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से गांधीवादी आदर्शों को अपने जीवन का आधार बनाने और समाज के कल्याण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। एलजी ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि बापू का जम्मू-कश्मीर शांति और समृद्धि का केंद्र है और अपनी ऊर्जा और समर्पण से इसे आकार देने की जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी की अवधारणा को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार घरेलू उद्योग स्थापित करके बापू के स्वदेशी के दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही है। गांधी जयंती पर मैं सभी से अपील करता हूं कि आइए हम अपने जीवन में स्वदेशी को अपनाएं।
उपराज्यपाल ने कहा कि भविष्य की रूपरेखा तैयार करते समय अपनी जड़ों और भारत की शाश्वत भावना को याद रखें। समाज और प्रकृति का सामंजस्य होना चाहिए। अनुसंधान और विकास पर ध्यान दें। हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र समृद्ध अर्थव्यवस्था के लिए सामंजस्य के साथ काम कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। स्कूल शिक्षा विभाग और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सेवा पर्व का समापन समारोह भी हुआ। उपराज्यपाल ने सेवा पर्व के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलों और स्कूलों को बधाई दी। उन्होंने गांधी ग्लोबल फैमिली, संत निरंकारी मिशन और हर घर तिरंगा अभियान के स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया।
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कार्यक्रम में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, गांधी ग्लोबल फैमिली, जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. एसपी वर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शांतमनु, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव बृज मोहन शर्मा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव राम निवास शर्मा, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रमुख, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र गांधी जयंती समारोह में शामिल हुए।
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