घाटी में हलकी बूंदाबांदी और जम्मू में मौसम पूरी तरह से साफ रहने के बावजूद बुधवार तीसरे दिन भी जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल नहीं हो सका। उधमपुर के खैरी इलाके में भूस्खलन के बाद बंद पड़े हाईवे को खोलने में सेना और ग्रेफ को देर शाम तक कामयाबी नहीं मिल पाई।
राजमार्ग पर मलबे के साथ आई बड़ी चट्टानों को हटाने के लिए ब्लास्ट किए गए। पर राजमार्ग से मलबा हटाते ही बड़े पत्थरों के साथ और भी मलबा नीचे आ रहा है। हाईवे बंद रहने से दोनों ओर रास्ते में सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। बटोत के सनासर पंचायत का एक प्राइमरी स्कूल भूस्खलन से तबाह हो गया है।
इसी पंचायत के चौड़ गांव में आठ मकान गिर गए हैं, जबकि नौ गिरने की कगार पर हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में कुछ इलाकों में हलकी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। खैरी में पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन के चलते पांच परिवार बेघर हो गए हैं।
पांचों परिवारों के सदस्य अपना सामान लेकर बाहर खुले में आ गए हैं। मलबा अब उनके घरों तक पहुंच गया है। रामबन से बनिहाल के बीच एक दर्जन से अधिक जगहों पर आई पस्सियों को हटा लिया गया। इसमें बाद शाम 5.30 बजे से चंद्रकोट, बटोत, पत्नीटाप, रामबन इलाके में फंसे वाहनों को श्रीनगर के लिए रवाना कर दिया गया।