श्रीनगर। हाईकोर्ट ने तस्करी के एक ड्रग मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी के लिए उनसे कथित तौर पर बरामद सभी 38 बोतलों के सैंपल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजना जरूरी नहीं था। सैंपल लेने के लिए कुछ बोतलें ही काफी हैं।
जस्टिस संजय धर की बेंच ने रऊफ अहमद गनी और रईस अहमद वानी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि यह तय करने के लिए सवाल उठता है कि क्या इन हालात में जांच एजेंसी के लिए बरामद की गई 38 बोतलों में से हर एक से सैंपल केमिकल एनालिसिस के लिए भेजना जरूरी था। इसका जवाब साफ तौर पर नहीं है क्योंकि सभी बोतलों में एक ही बैच का एक जैसा सॉल्यूशन था। इसलिए बरामद लॉट में से एक सीलबंद बोतल पहली नजर में पूरी जब्ती का एक रिप्रेजेंटेटिव सैंपल होगी। अभियोजन के मुताबिक 25 अप्रैल 2023 को नासू बद्रागुंड क्रॉसिंग के पास एक पुलिस पेट्रोल टीम ने दो लोगों को एक पॉलीथीन बैग के साथ शक की हालत में घूमते हुए रोका।
पुलिस पार्टी को देखकर दोनों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। बैग की तलाशी में कोडीन की बोतलें मिलीं। ब्यूरो