-वर्ष 2036 ओलंपिक में जम्मू-कश्मीर की प्रतिभा को केंद्र में रखना का है लक्ष्य
श्रीनगर। खेल निर्माण और प्रदर्शन-आधारित अनुसंधान एवं विकास में अग्रणी नाम जीआर8 स्पोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और विकास-आधारित ब्रांडिंग एवं खेल विकास में अग्रणी टैलेंटपोस्ट ने जम्मू-कश्मीर और उसके बाहर खेल नवाचार, एथलीट विकास और उद्योग विस्तार को गति देने के लिए एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह करार भारत की अप्रयुक्त खेल क्षमता को पोषित करने की दिशा में एक कदम है। इसके तहत टैलेंटपोस्ट ने जीआर8 के ब्रांड विकास, उत्पाद नवाचार और बाजार विस्तार में तेजी लाने के लिए 45 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास के विस्तार के अलावा यह सहयोग उभरते हुए एथलीटों, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर जैसे क्षेत्रों के एथलीटों की पहचान, संवारने और दीर्घकालिक विकास के लिए भी काम करेगा।
कश्मीर विलो की वैश्विक मांग तेज़ी से बढ़ रही है और इस साझेदारी के माध्यम से टैलेंटपोस्ट इस स्वदेशी उत्पाद शृंखला को राष्ट्रीय खेल निर्माण में अग्रणी स्थान दिलाने और इसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहयोग तकनीकी नवाचार को गति देगा। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-संवर्धित कश्मीरी विलो बैट जैसे उत्पादों में। साथ ही संरचित एथलीट ग्रूमिंग, मेंटरशिप तक पहुंच और उच्च-प्रदर्शन के रास्ते और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर भी जोर देगा।
टैलेंटपोस्ट के 2036 ओलंपिक मिशन के अनुरूप यह साझेदारी विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, कौशल संवर्धन कार्यक्रमों, स्काउटिंग पहलों और उद्योग-आधारित कोचिंग सहायता तक पहुंच प्रदान करके जम्मू और कश्मीर के प्रशिक्षित, प्रतियोगिता के लिए तैयार एथलीटों की एक शृंखला तैयार करेगी। यह क्षेत्र में स्थानीय रोजगार सृजन, युवाओं की सहभागिता और खेल-आधारित विनिर्माण विकास को भी बढ़ावा देगा।
साझा दृष्टिकोण पर टैलेंटपोस्ट के संस्थापक राजवीर ने कहा कि यह साझेदारी केवल उत्पादों के बारे में नहीं है। यह लोगों के बारे में है। उन हजारों युवा एथलीटों के बारे में जिनकी प्रतिभा अक्सर प्रदर्शन, समर्थन या अवसर की कमी के कारण अनदेखी रह जाती है। हम जम्मू और कश्मीर जैसे क्षेत्रों की दबी हुई क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है चैंपियन तैयार करना। सपने देखने वालों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना कि भारत 2036 ओलंपिक में दुनिया के शीर्ष पांच पदक विजेता देशों में शामिल हो। ब्यूरो