- डूरंड कप का 134वां संस्करण 23 जुलाई से 23 अगस्त तक चलेगा
प्रवेश कुमारी
जम्मू। ऐतिहासिक डूरंड कप में इस बार लद्दाख के फुटबॉलर भी जलवा बिखेरेंगे। वन लद्दाख फुटबॉल क्लब को डूरंड कप के लिए न्योता आया है। यह इसलिए भी खास है क्योंकि लद्दाख के किसी भी फुटबॉल क्लब को प्रतिष्ठित डूरंड कप का पहली बार न्योता मिला है।
वर्ष 1888 में हिमाचल प्रदेश के अनाडेल से शुरू हुआ डूरंड कप 137 साल की यात्रा पूरी कर चुका है। इसे एशिया का प्रतिष्ठित टूर्नामेंट होने का गौरव हासिल है। इसका 134वां संस्करण 23 जुलाई से 23 अगस्त तक खेला जाएगा। इसके मैच देश के पांच शहरों-कोलकाता, रांची/जमशेदपुर, कोकराझार, शिलांग और इंफाल में खेले जाएंगे।
लेह स्थित वन लद्दाख फुटबॉल क्लब की महासचिव सिरिंग एंगमो ने बताया कि डूरंड कप आयोजकों की ओर से इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष यानी 2024 में डूरंड कप का फाइनल नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी और मोहन बागान के बीच खेला गया था। इसमें नाॅर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी के खिलाड़ियों ने दम दिखाते हुए कप अपने नाम किया था।
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सर मोर्टिमर डूरंड के नाम से जाना जाता है डूरंड कप
डूरंड कप का नाम सर मोर्टिमर डूरंड के नाम पर पड़ा। वे ब्रिटिश राज के दौरान 1884 से 1894 तक विदेश सचिव रहे। वे फुटबॉल के जबरदस्त मुरीद थे। डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। टूर्नामेंट विजेता टीम को 60 लाख की नकद राशि के साथ ही सर्वश्रेष्ठ स्कोरर को गोल्डन बूट, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर को गोल्डन ग्लोव, जबकि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को गोल्डन बॉल अवार्ड से नवाजा जाता है।
- लद्दाख एफसी की स्थापना दो साल पहले हुई थी। इस क्लब का घरेलू स्टेडियम 11 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित एस्ट्रोटर्फ फुटबॉल स्टेडियम है। क्लब ने हाल ही में लद्दाख सुपर लीग में हिस्सा लिया था। इसके अलावा नेशनल यूथ लीग में भी हिस्सेदारी की है।