जम्मू-कश्मीर में यह विडंबना है जहां सही में सुविधाओं की जरूरत होती वहां मिलती नहीं है, जहां नहीं चाहिए वहां मिल जाती है। ऐसी ही कुछ स्थिति टेबल टेनिस खेल में है। एक हजार से अधिक सक्रिय खिलाड़ियों वाले इस खेल में पूरे जम्मू-कश्मीर में एक भी स्थायी प्रशिक्षक नहीं है। ऐसे में जम्मू- कश्मीर में बिना खेल प्रशिक्षक के कैसे शरत कमल और मनिका बत्रा जैसे खिलाड़ी मिलेंगे। जम्मू में इस खेल के सबसे ज्यादा खिलाड़ी हैं, लेकिन वहां न सेंटर और न ही प्रशिक्षक है।
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने खेलों इंडिया के तहत दो टेबल टेनिस (टीटी) सेंटर खोले हैं। एक सांबा तो दूसरा रामनगर में है। हालांकि टेबल टेनिस में सबसे ज्यादा खिलाड़ी जम्मू जिले से हैं। रामनगर में टेबल टेनिस सेंटर शुरू हुए एक साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन सिर्फ 10 खिलाड़ी ही केंद्र में पंजीकृत हुए हैं। टेबल टेनिस खेल के प्रति युवाओं के कम रुझान का बड़ा कारण इसके खेल उपकरण का महंगा होना है।
राष्ट्रीय व राज्य स्तर की टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अधिकाश खिलाड़ी जम्मू जिले से होते हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल ने जब खेलों इंडिया सेंटर शुरू किए थे तो संबंधित खेल एसोसिएशन के साथ समन्वय तक नहीं किया था, जिसके कारण ऐसे जिलों में सेंटर खोला गया, जहां उस खेल को खेलने वाले खिलाड़ी ही नहीं मिल पा रहे।
सेंटर तो खोल दिए, लेकिन खिलाड़ी ही नहीं मिल रहे
जम्मू-कश्मीर टेबल टेनिस एसोसिएशन के सचिव अजय गुप्ता ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत टीटी के दो सेंटर खोले हैं। सांबा जिले में काफी संख्या में खिलाड़ी टीटी खेलते हैं, लेकिन रामनगर में ऐसे खिलाड़ियों की संख्या कम है। जम्मू, श्रीनगर में अगर ऐसा सेंटर खोला जाता तो खिलाड़ियों के लिए अच्छा होता। स्पोट्र्स काउंसिल ने जब इन सेंटर को खोला था तब संबंधित खेल एसोसिएशन से समन्वय तो दूर उन्हें जानकारी तक नहीं दी थी। एमए स्टेडियम में हॉल और टेबल है, लेकिन प्रशिक्षक नहीं है, जबकि इस खेल में प्रशिक्षक का होना बहुत जरूरी है।
सेंटर में खेलो इंडिया के तहत कार्यरत कोच अंकित शर्मा ने कहा कि खेल उपकरण कम होने से खिलाड़ियों का इस खेल के प्रति ज्यादा रुझान नहीं है। सेंटर में उपकरण के नाम पर सिर्फ टेबल है। सांबा के इंडोर स्टेडियम हॉल में भी टेबल टेनिस का सेंटर है। इस सेंटर में खिलाड़ियों की संख्या अच्छी है। जम्मू में सबसे ज्यादा टेबल टेनिस के खिलाड़ी है, लेकिन प्रशिक्षक नहीं है।