सांबा। जिला प्रशासन की ओर से कस्बे के आराजी मोहल्ले में एक मिनी स्टेडियम का निर्माण करवाया गया है लेकिन उसका लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा है। मिनी स्टेडियम के उबड़ खाबड़ होने से कोई भी युवा यहां नहीं जाता है। इससे यहां के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को नहीं निखार पा रहे हैं। वे सरकारी स्कूल के खेल मैदान में ही प्रेक्टिस करते हैं। यहां ज्यादा सरकारी आयोजन होते हैं।
पहले जिले में हाॅकी और फुटवाल के खिलाडि़यों में काफी उत्साह हुआ करता था। सांबा से एक दर्जन खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। तब सांबा में 10 टीमें हुआ करती थीं। कस्बे के सरकारी स्कूल के मैदान पर सुबह शाम युवक प्रेक्टिस कर अपने खेल को निखारते थे। तब सरकारी कार्यक्रम भी इसी खेल मैदान पर ही होते रहे हैं। बाद में जिला प्रशासन की ओर से कस्बे के आराजी मोहल्ले में एक मिनी स्टेडियम का निर्माण करवाया गया। वहां पर केवल सरकारी कार्यक्रम ही होते हैं। युवाओं को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मिनी स्टेडियम में उबड़ खाबड व कंकर पत्थर होने से कोई भी युवक उक्त स्टेडियम में नहीं जाता है। वह सरकारी स्कूल के खेल मैदान पर ही अपनी प्रतिभा को चमकाने के प्रयास में हैं। पूर्व खिलाड़ी राजेश्वर सिंह, अजात शत्रु सिंह संब्याल और लक्की सिंह के अनुसार निखिल संब्याल ने राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल में संतोष ट्राॅफी में भाग लिया है। हाकी में राकेश सिंह, दीपक सिंह और संदीप सिंह राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। अजात शत्रु सिंह राष्ट्रीय स्तर पर हाकी में सब जूनियर स्तर पर खेल चुके हैं। क्रिकेट में राहिल संब्याल ने रणजी स्तर पर मैच खेले हैं। उनके अनुसार सांबा में खिलाडि़यों की कोई कमी नहीं है। खेल मैदान नहीं होने से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को नहीं दिखा पा रहे हैं। पूर्व खिलाडि़यों के अनुसार पहले हाॅकी व फुटबाल की 10 टीमें थीं। अब एक टीम भी बना पाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवाओं को खेलने के लिए मैदान ही नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। इसके लिए उन्होंने कई बार जिला प्रशासन से भी गुहार लगाई है लेकिन प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है।
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गत दिनों सरकारी स्कूल के खेल मैदान पर पुलिस की ओर से क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई गई थी। मैंने भी पुलिस के साथ खेल मैदान को समतल किया था। डीआईजी शक्ति पाठक से भी अपील की थी कि उक्त कैदान की मरम्मत करवाई जाए। वहीं हाॅकी के लिए एस्ट्रोट्रफ के बारे में कहा था। उन्होंने स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारियों को इस बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि हाॅकी के मैदान के लिए 30 कनाल भूमि चाहिए। अब यह तो प्रशासन ही कर सकता है।
-अजात शत्रु सिंह संब्याल पूर्व हाॅकी खिलाड़ी सांबा
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जिला युवा सेवाएं एंव खेल विभाग के पास बजट है। सरकारी स्कूल के मैदान के लिए स्कूल के प्राचार्य हमें लिख कर दें। हम मैदान के लिए बजट उपलब्ध करवाकर इसकी मरम्मत करवाएंगे।
-सुनील कुमार जिला अधिकारी, युवा सेवाएं एंव खेल विभाग सांबा।