बाड़ी ब्राह्मणा। औद्योगिक क्षेत्र में थाने के नजदीक स्थित मिनी स्टेडियम को सुविधाओं की जरूरत है। इसमें न तो मैदान ही दुरुस्त है और न ही दूसरी सुविधाएं ही मुहैया हैं। देखरेख के अभाव में यह स्टेडियम जरायम का अड्डा बनता जा रहा है। स्टेडियम में शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी हैं। विशेष बात यह है कि यह स्टेडियम बाड़ी ब्राह्मणा थाने से सटा हुआ है।
बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में खेल मैदान की जरूरत महसूस की जा रही है लेकिन जो मैदान मौजूद हैं उसकी देखरेख की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बाड़ी ब्राह्मणा थाने से सटकर स्थित मिनी स्टेडियम में बच्चे खेलकूद की व्यायाम की गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं, लेकिन स्टेडियम में झाड़ियां उगी हैं जो आड़े आ रही है। काफी ऐसी चीजें आ रही है जिससे वह खेलकूद से वंचित रह जाते हैं। मिनी स्टेडियम के एंट्री गेट पर ही काफी दुर्गंध और गंदगी पड़ी है। स्टेडियम का प्रवेश द्वार शौचालय के रूप में तब्दील है। इस सबका कसूरवार सिडको और प्रशासन है। क्योंकि स्टेडियम को लेकर वह बिल्कुल भी चिंतित नहीं है। दिन प्रतिदिन इसकी हालत बदहाल होती जा रही है। अगर समय रहते इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में खेल का मैदान न रहकर कोई और ही रूप धारण कर लेगा। इसलिए सिडको और प्रशासन को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और इस खेल के मैदान की भलाई के लिए हर संभव कदम उठाना चाहिए।