-प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। सोमवती अमावस्या पर सोमवार को ऐतिहासिक तीर्थ स्थल पुरमंडल और उत्तरबहनी में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। हजारों लोगों ने देविका नदी में आस्था की डुबकी लगाई। प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। जलाभिषेक कर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
शिव पूजन के बाद देविका नदी में लोगों ने पूर्वजों के नाम का पितृ पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गरीबों को कपड़े, फल, पैसे, आटा, चावल, दालें, तेल आदि का दान किया गया। दानी लोगों ने देविका घाट पर लंगर भी लगाया।
सरकारों पर ऐतिहासिक स्थल की अनदेखी का आरोप
देविका में स्नान करने आए श्रद्धालु संजय कुमार, गोपाल दत्त, श्रीकांत, केवल कुमार ने बताया कि ऐतिहासिक स्थल पुरमंडल और उत्तरबहनी सदियों पुराना ऐतिहासिक स्थल है। इस स्थल की सरकारों ने आज तक अनदेखी की है। यहां प्राचीन समय में राजा-महाराजाओं ने श्रद्धालुओं के रुकने के लिए उचित प्रबंध किए थे। श्रद्धालु आकर कई दिनों तक रुकते थे और पूजा-अर्चना करने के बाद घरों को जाते थे, लेकिन आज के समय में राजा-महाराजाओं द्वारा बनाई गईं धरोहर को हमारी सरकारें संभाल नहीं पाई हैं। यहां रुकने का कोई उचित प्रबंध नहीं है। देविका घाट में महिलाओं के स्नान के लिए स्नान घाट नहीं हैं। टेंट के पर्दे लगाकर बनाए स्नान घाटों में नहाना बहुत मुश्किल होता है। लोगों ने मांग की सरकार और प्रशासन को यहां उचित प्रबंध करने चाहिए, ताकि संगत को आ रही परेशानी का हल हो सके।