घाटी में पत्थरबाजों से सीआरपीएफ का विशेष महिला दस्ता निपटेगा। इसके लिए 500 प्रशिक्षित महिला जवानों की टुकड़ी तैयार की गई है। यह घाटी में नियमित रूप से ड्यूटी देने के साथ ही उपद्रवी भीड़ से भी निपटेगा। इनकी तैनाती संवेदनशील डाउनडाउन तथा घाटी के अन्य हिस्सों में होगी। दरअसल घाटी में पत्थरबाजी में महिलाओं तथा छात्राओं के शामिल होने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दस्ते तैयार करने का फैसला किया गया ताकि वे प्रभावी तरीके से इन पर अंकुश लगा सकें।
सीआरपीएफ रिक्रूटिंग सेंटर हुमहामा में इन महिला जवानों को आतंकवाद तथा दंगे निरोधक अभियान के लिए विशेष तौर पर तैयार किया गया है। सभी कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि इन्हें 45 दिन की ट्रेनिंग दी गई है। अब इन्हें घाटी में तैनात किया जाएगा जो पत्थरबाजों तथा प्रदर्शनकारियों से निपटेंगी। खासकर महिला प्रदर्शनकारियों से। इन जवानों को घाटी व श्रीनगर की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देने के साथ ही रबर बुलेट, पेलेट गन, पंप गन, आंसू गैस, पावा शेल आदि चलाने में प्रशिक्षित किया गया है।
महिला जवान एके राइफल या इंसास से भी लैस रहेंगी ताकि यदि कोई आतंकी हमला हो तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकें। महिला जवानों को इस बात के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है कि उनकी कार्रवाई में ज्यादा से ज्यादा जान माल का नुकसान न होने पाए। महिला दस्ते के लिए बाडी प्रोटेक्टर व बुलेट प्रूफ जैकेट भी खरीदे जा रहे हैं।