डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार वंचित वर्ग को न्याय दिलाने के लिए उसके साथ खड़ी है। यदि गरीब परिवार का एक भी अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में होगा तो सरकार उसके साथ खड़ी होगी न कि बैकडोर भर्ती के लिए लाबिंग करने वालों और दबाव बनाने वालों के साथ। सरकार किसी भी दबाव में काम नहीं करेगी। अब यहां घूस देना और लेना दोनों ही अपराध की श्रेणी में हैं।
कैट बेंच से लोगों को लाभ मिलेगा: उप राज्यपाल
इस दौरान उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने कहा कि बेंच की स्थापना से जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के कर्मचारियों को सेवा मामलों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में लाभ मिलेगा। करीब 34 हजार मामले जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से कैट को भेजे गए हैं। यह कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल, कार्मिक विभाग के सचिव सी चंद्रमौलि, कैट चेयरमैन जस्टिस एल नरसिम्हा रेड्डी, कैट के न्यायिक सदस्य राकेश सागर जैन ने भी विचार रखे।
आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लिया
डॉ. सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में एक-एक कर सभी आदेश लागू किए जाएंगे। उन्होंने आलोचना करने के अभ्यस्त हो चुके लोगों को आड़े हाथों लेते हुए धीरज रखने को कहा। कहा कि पहले की सरकारों को सात दशक का समय दिया, लेकिन आप लेफ्टिनेंट गवर्नर को सात महीने का समय भी देने को तैयार नहीं हैं जिन्होंने पिछले सप्ताह ही यह समय पूरा किया है। पहले वे डोमिसाइल कानून के बारे में सवाल उठाते थे, फिर पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजी, फिर 5300 पीओजेके परिवार, परिसीमन आयोग के बारे में पूछते थे, लेकिन आप देख रहे हैं कि सब कुछ हो रहा है।