बाढ़ पीड़ितों से मिलने जम्मू पहुंची कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि बाढ़ जैसी मुसीबत पर सियासत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी सबसे बड़ी समस्या विस्थापितों के पुनर्वास की है।
राजोरी और पुंछ के बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों के दौरे के बाद सोनिया ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस और यूथ कांग्रेस बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। एनजीओ भी काम कर रहे हैं।
केंद्र से आ रही मदद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने तरीके से राहत कार्य में जुटे हैं। इस मसले पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
'उत्तराखंड की तर्ज पर हो राहत कार्य'
पुंछ में राहुल गांधी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में भी उत्तराखंड की तर्ज पर राहत की जरूरत है। सोनिया और राहुल ने जम्मू में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री भी बांटी। दोनों नेताओं ने बाढ़ पीड़ितों के पास जाकर उनका हाल पूछा।
नौशेरा से आए सिख सरपंचों से राहुल और सोनिया ने हालात की जानकारी ली। उनके साथ कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज भी थे।
बाढ़ नियंत्रण मंत्री शामलाल शर्मा ने सोनिया और राहुल को बाढ़ के बाद चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री ताराचंद, मंत्री रमण भल्ला, मनोहर लाल शर्मा और एजाज अहमद भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने किया।
'पीड़ितों को नए घर की जरूरत'
सोनिया ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक में हालात की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि तबाही ज्यादा हुई है। उजड़े लोगों के लिए नए घर बनाने की जरूरत है।
नौशेरा में एक बस के बह जाने के कारण 67 लोगों की मौत हुई थी। सोनिया और राहुल मृतकों के परिवार वालों से मिले। राहुल ने कहा कि जम्मू कश्मीर को उत्तराखंड की तर्ज पर विशेष पैकेज देकर राहत कार्य तेज करना चाहिए।
सोनिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर राहत पहुंचाने के लक्ष्य को प्राप्त करना होगा।