जम्मू। शहर सहित पूरे प्रदेश में रविवार को आषाढ़ अमावस्या पर सूर्यग्रहण कंकणकरित चूड़ामणि का अगल ही नजारा देखने को मिला। सूर्यग्रहण के कारण भरी दोपहर में आसमान साफ होने के बावजूद सूर्य की तपिश और रोशनी कम रही। सूर्य का आकार चंद्रमा की तरह दिखाई देने लगा। प्रदेश भर में यह ग्रहण सुबह 10:21 बजे से शुरू हुआ और दोपहर 1:42 बजे तक देखा गया। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहे और ग्रहण के बाद लोगों ने घरों में रहकर पूजा कर दान आदि दिया।
सूर्यग्रहण के कारण बाजारों में रौनक गायब रही। ग्रहण के समय इक्का-दुक्का लोग की बाहर निकले। सदियों बाद ऐसे अद्भुत नजारे को देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिखा। लोगों ने विशेष चश्मों से इन ग्रहण को देखा। सुबह 11 बजे के करीब कई जगहों पर कुछ पल के अंधेरा सा छा गया। शहर और प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ होने के कारण सूर्यग्रहण को पूरे समय तक देखा गया। मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सोना, यात्रा करना, फूल तोड़ना, बाल और नाखुन काटना आदि नहीं करना चाहिए। हालांकि शहर में कंकण आकृति (रिंग ऑफ फायर) नहीं दिखा और सूर्य के चारों और भगवा रंग दिखाई दिया। पंडित लक्ष्मी नारायण ने कहा कि यह इस वर्ष का तीसरा सूर्यग्रहण है, जो ज्योतिष विद्या के हिसाब से अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू शहर में तीन घंटे से अधिक समय तक सूर्यग्रहण दिखाई दिया।