जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए कम रुझान है। अब तक नाम शामिल करने के लिए दावों से संबंधित छह लाख आवेदन पत्र ही जमा हो पाए हैं। सोमवार को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की प्रगति की समीक्षा कर इसमें तेजी लाने का सभी जिलों को निर्देश दिया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई समीक्षा बैठक में सभी जिलों के चुनाव अधिकारी शामिल हुए। ज्ञात हो कि नाम शामिल कराने के लिए अंतिम तिथि 25 अक्तूबर है।
उप चुनाव आयुक्त हृदेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलावार मतदाता सूची बनाने के काम की प्रगति की जानकारी ली गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान यह बात सामने आई कि अब तक छह लाख फार्म छह प्राप्त हुए हैं। प्रत्येक जिले के चुनाव अधिकारी से कम संख्या में दावे आने के कारण जानने के साथ ही यह कहा गया कि बूथ स्तर तक इसमें तेजी लाई जाए।
राजनीतिक दलों के नुमाइंदों से भी संपर्क कर आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। यह हिदायत दी गई कि यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता का नाम शामिल होने से छूट न जाए। आखिर के 15 दिनों में युद्धस्तर पर बूथ स्तर तक 18 साल की आयु पूरी कर चुके युवाओं का नाम शामिल कराया जाए। सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक जिले में विभिन्न आयु समूह के लोगों के बीच जागरूकता उत्पन्न की जाए।
छह पर्यवेक्षक नियुक्त
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची बनाने के काम की निगरानी के लिए छह पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। सचिव स्तर के अधिकारी संजीव वर्मा, सरिता चौहान, सौरभ भगत, शीतल नंदा के साथ ही दोनों संभाग के आयुक्त को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे नियमित रूप से निगरानी करें।