बनिहाल की खरी तहसील अंतर्गत महोमंगत इलाके में शनिवार सुबह करीब दस बजे बर्फ की चट्टान खिसकने से उसमें दबकर एक ही परिवार की दो महिलाओं और एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। दो पुरुष सदस्य घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार महोमंगत के ही पास पड़ने वाले बिजमारी गांव के कुछ लोग शनिवार की सुबह महो स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी जा रहे थे।
पहाड़ी इलाका होने के कारण ये लोग एक पगडंडी से गुजर रहे थे। तभी अचानक बर्फ की बड़ी चट्टान खिसक गई। इसमें दो महिलाएं और एक बच्चा दब गया। दो अन्य ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई, लेकिन वे घायल हो गए। इसकी जानकारी मिलने पर महो के लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और बर्फ की चट्टान से दोनों महिलाओं हाजरा बेगम (25) पत्नी लियाकत अली, गुलशन बेगम (35) पत्नी गुलाम कादिर और नौ वर्षीय परवेज अहमद को बेहोशी की हालत में निकाला।
तीनों को डिस्पेंसरी पहुंचाया। आरोप है कि वहां पर्याप्त इलाज नहीं मिलने के कारण दोपहर में तीनों ने दम तोड़ दिया। लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। उन्होंने घायलों को हेलीकाप्टर से श्रीनगर पहुंचाने की मांग की, पर हेलीकाप्टर नहीं पहुंचा। इससे भी लोगों का गुस्सा भड़का।
हालांकि, सेना के जवान भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। दो अन्य घायल बशीर अहमद और मो. इशहाक को इलाज दिया गया। गौरतलब है कि यह इलाका 22 दिनों से सड़क संपर्क से कटा हुआ है। देर शाम तक भी प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।