पूर्व सदर ए रियासत एवं कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य डॉ. कर्ण सिंह
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पूर्व सदर ए रियासत एवं कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य डॉ. कर्ण सिंह ने कश्मीर हिंसा और उसके चलते हो रहे नुकसान के लिए सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में सरकार की ओर से अपनाई गईं गलत नीतियों पर वे चार किताबें लिख सकते हैं।
मौजूदा हालात पर उन्होंने गहरा दुख जताया। वीरवार को श्रीनगर पहुंचे डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि कश्मीर मसला सुलझाने को हर उससे बात की जानी चाहिए, जो बात करने को तैयार है। यहां तक कि अलगाववादियों से भी।
उन्होंने कहा कि बातचीत से ही सिलसिला आगे बढ़ सकता है। जो कुछ गलतियां सरकारों ने की हैं, उन्हें अब दोहराया नहीं जाना चाहिए। डॉ. सिंह गुपकार स्थित अपने कर्ण महल में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि वो दिन तक यहीं रहेंगे।
घाटी में लोगों का दुख दर्द बांटने पहुंचे डॉ. कर्ण सिंह
घाटी में हिंसा
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कश्मीर घाटी में पिछले 55 दिनों से भड़की हिंसा और खराब हालातों पर डॉ. सिंह ने कहा कि वह घाटी में कर्फ्यू लागू होने के चलते यहां नहीं आ सके। पर अब वे यहां लोगों का दुख-दर्द बांटने पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि करीब दो महीने से जो हालात खराब हुए हैं, युवाओं की जानें गईं हैं, कारोबार ठप हो गया है, और पर्यटन को जो नुकसान हुआ है, उसका बेहद अफसोस है।
उन्होंने कहा कि वे लोगों से मिलकर उनकी राय जानेंगे। यहां जो हो रहा है, उसका दुख है, क्योंकि वे भी यहीं पले-बढ़े हैं। यहां एक लंबा दौर बिताया है और इस दौरान कई हालातों का अनुभव किया है। पर इस समय जो हालात हैं, उससे बहुत तकलीफ हो रही है। चाहते हैं कि फिर वही सुकून यहां कायम हो।
पेलेट गन का इस्तेमाल बंद हो
घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू जारी
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उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे फिर स्कूल, कालेज जाना शुरू करें, क्योंकि उनका भविष्य खराब हो रहा है। अभी तो पता नहीं चल रहा, लेकिन, यह असर आगे जाकर दिखेगा। यह पूछे जाने पर कि कश्मीर को लेकर सरकारों से कहां गलतियां हुई हैं, इसके जवाब में कहा कि उन्हें गलतियां बताने के लिए चार किताबें लिखनी पडे़ंगी। उन्होंने दो बार राज्यसभा में भाषण दिया और लोगों को हकीकत से अवगत करवाने की कोशिश की।
डॉ. कर्ण सिंह ने पेलेट गन को बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे राज्यसभा में भी यह मांग कर चुके हैं और अब भी कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि घाटी में पिछले 55 दिनों के दौरान 70 से अधिक मौतें हुई हैं और 9000 से अधिक घायल हुए हैं।