आतंकी संगठनों की मदद करने के मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने मंगलवार को उधमपुर और जम्मू में चार अलग-अलग जगहों पर छापे मारे। उधमपुर के बसंतगढ़ में तीन और जम्मू के सुंजवां में एक आतंकी मददगार के ठिकानों पर दबिश दी। छापे के दौरान चारों मददगारों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। उनके बैंक खातों समेत कुछ अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी ली गई।
यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। इनपुट में पता चला था कि ये सभी पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों के संपर्क में हैं। इनका संपर्क व्हाट्सएप व विभिन्न मोबाइल एप के जरिये हुआ। ये आतंकी हैंडलरों तक को कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचा रहे थे। इसमें उधमपुर, रियासी जैसे क्षेत्रों में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश भी थी।
बता दें कि एसआईए की टीम ने उधमपुर जिले के बसंतगढ़ के रहने वाले नजीर अहमद, मोहम्मद रफीक, अल्ताफ हुसैन और जम्मू के सुंजवां में रहने वाले मोहम्मद इकवाल के घर पर मंगलवार सुबह छापे मारे। मोहम्मद इकवाल 18 साल से सुंजवां में रह रहा है। उसकी किराने की दुकान है। वर्ष 2008 में इकवाल को सैटेलाइट फोन के जरिए आतंकियों की मदद करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में वह रिहा हो गया था।
जांच के दौरान सामने आए कनेक्शन
बताया जा रहा है कि एसआईए ने हाल ही में रियासी जिले में मारे गए आतंकी और कुछ सक्रिय आतंकियों की गतिविधियों की जांच करते हुए कई ओजी वर्करों की जानकारियां जुटाई हैं। सूत्रों का कहना है कि इन लोगों के आतंकियों के साथ लिंक हैं। इनके पास से कई तरह के इलेक्ट्राॅनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले में जांच जारी है।