जम्मू और पंजाब में पिछले साल अगस्त में पकड़ी गई 46 किलो हेरोइन की खेप के मामले में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस केस में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है।
इस केस की शुरुआत 9 अगस्त 2023 को हुई थी, जब पंजाब के तरनतारन निवासी सर्ताज सिंह को जम्मू के बस स्टैंड इलाके से 33.580 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी।
जांच के दौरान दूसरा आरोपी अमृतपाल सिंह उर्फ फौजी सामने आया, जो घटनास्थल से एक और खेप के साथ भाग निकला था, लेकिन बाद में पंजाब पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसके पास से 12.626 किलो हेरोइन और बरामद हुई।
मामले के अंतरराष्ट्रीय स्तर के आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद इसे एसआईए जम्मू को सौंप दिया गया, जिसने एनडीपीएस एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत जांच शुरू की।
एसआईए ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में यह सामने आया है कि अमृतपाल सिंह का सीधा संपर्क पाकिस्तान में बैठे एक लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर से था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक नार्को-टेररिज्म का मामला है।
एक अधिकारी ने बताया कि इस केस में तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय सूचनाओं का प्रयोग करके ठोस सबूत इकट्ठा किए गए हैं, जिनके आधार पर आरोपियों पर एनडीपीएस और यूएपीए के गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।