दक्षिणी कश्मीर के त्राल में सोमवार को हुई युवक की मौत के विरोध में बुधवार को पुलवामा जिले में बंद रहा। बंद का आह्वान हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक द्वारा किया गया था।
इसका समर्थन अन्य अलगाववादियों ने भी किया। इस दौरान जिले में सभी स्कूल, कालेज, दुकानें तथा अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। जिले में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
मंगलवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को बड़ी संख्या में त्राल और उसके आसपास के इलाकों में तैनात किया गया था।
साथ ही बस स्टैंड वाले इलाके को पूरी तरह से सील कर रखा था, ताकि लोगों को सड़कों पर उतरने से रोका जा सके। कई इलाकों में तो सड़कों पर नाकेबंदी भी की गई थी। इससे स्थिति कर्फ्यू जैसी नजर आई।
जानकारी के अनुसार पुलवामा जिले में ज्यादातर जगहों पर शांति रही। लेकिन जिले के मुरन चौक में कुछ युवाओं ने पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों पर पत्थर बरसाए।
हालांकि जवानों ने सब्र से काम लिया और बल प्रयोग नहीं किया। वहीं मंगलवार को त्राल में प्रदर्शनों के दौरान एक सीआरपीएफ जवान की सर्विस राइफल छीनने के मामले में पुलिस थाने में कई लोगों को पूछताछ के लिए बुधवार को बुलाया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई है। आगे भी यह जारी रहेगी। उम्मीद है कि जल्द उस व्यक्ति की पहचान सामने आएगी, जिसने इस मामले को अंजाम दिया है।