जम्मू। शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दो साल बाद भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान पूरा शहर भगवान श्रीकृष्ण के भजनों और जयकारों से गूंजता रहा। जगह-जगह लोगों विशेष कर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहीदी चौक पर पुष्प बरसा कर रथयात्रा का स्वागत कर धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
वीरवार को रघुनाथ मंदिर से रथ यात्रा निकाली गई, जो शहर के 11 प्रमुख बाजारों से होकर गुजरी। राजस्थान सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से मंगवाए फूलों से सजे रथ को खींचने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया। रथयात्रा का आयोजन धर्मार्थ ट्रस्ट की ओर से किया गया था। इसमें सात झांकियां शामिल हुई, जिसमें श्री कृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर जीवन के विभिन्न पहलू को दिखाया गया।
रघुनाथ मंदिर में पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद रथयात्रा मंदिर परिसर से निकली। केसरी रंग के साफे पहने कृष्णभक्तों ने रस्सियों से रथ को खींचते हुए शहर भ्रमण करवाया। रथ में भगवान कृष्ण और राधा की प्रतिमा के रूप में विराजमान थे। रथ के दर्शन करने और छूने के लिए भक्तों में काफी जोश दिखाई दिया। मुख्य रथ के बीच श्रीकृष्ण-अर्जुन, कृष्णराधा, मां यशोदा के साथ श्री कृष्ण, शेषनाग नाग पर सवार श्री कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्री रघुनाथ संस्कृत महाविद्यालय बीपुर जम्मू, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, आशाराम आश्रम भगवती नगर, ब्रह्मकुमारी की झांकियां रथ यात्रा में शामिल हुई। इस दौरान मंडलायुक्त रमेश कुमार, मेयर चंद्र मोहन गुप्ता सहित धर्मार्थ ट्रस्ट के सदस्य मौजूद रहे।
इस मार्ग से हो कर गुजरी भव्य रथयात्रा
रथयात्रा रघुनाथ मंदिर से रेजीडेंसी रोड, शहीदी चौक, राजेंद्र बाजार, कनक मंडी, पुराना अस्पताल रोड, मोती बाजार, पक्का डंगा, चौक चबूतरा, जैन बाजार लिंक रोड पुरानी मंडी, सिटी चौक से होते हुए रघुनाथ मंदिर में संपन्न हुई।
पांच किमी यात्रा रूट पर जगह-जगह लगे थे स्टाल
रथयात्रा के पांच किलोमीटर रूट पर विभिन्न बाजार एसोसिएशन की ओर से जगह-जगह 15 से अधिक स्टाल लगाए थे। इनमें कृष्णभक्तों के लिए पीने के पानी, जूस और प्रसाद की व्यवस्था थी।
श्रीकृष्ण-राधा की लीलाओं ने मोहा मन
रथयात्रा में श्रीकृष्ण- राधा का रूप धरे कलाकारों ने उनकी लीलाओं को बड़ी सुंदरता से बयां किया। श्रीकृष्ण-राधा का मटके साथ नृत्य देखते ही बनता था। कान्हा के बाल स्वरूप की लीलाएं भी कृष्णभक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं।