दरियाओं में सर्दियों में जल स्तर में गिरावट की वजह से पन बिजली उत्पादन में कमी से बिजली संकट का सामना करने वाली रियासत जम्मू कश्मीर में एक बार फिर पहले थर्मल प्लांट के शुरू होने की उम्मीद जगी है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में वैसे तो पन बिजली उत्पादन की 20 हजार मेगावाट की क्षमता है।
लेकिन अब तक जो उत्पादन हो रहा है, उससे जम्मू कश्मीर में बिजली की जरूरत और उपलब्धता में 1100 मेगावाट से भी ज्यादा का अंतर हो चुका है। ऐसे में जरूरत है कि राज्य में थर्मल प्लांट शुरू हो, ताकि गर्मी हो या फिर सर्दी थर्मल पावर प्लांट से राज्य को बिजली की उपलब्धता में असर न आए।
2010 में भी तत्कालीन यूपीए सरकार ने जम्मू संभाग के कठुआ जिले में थर्मल पावर प्लांट शुरू करने की घोषणा भी की थी, लेकिन इस पर काम अब तक शुरू नहीं हो पाया।
केंद्रीय बिजली मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल का कहना है कि जम्मू कश्मीर में थर्मल पावर प्लांट जल्द शुरू हो, इसकी प्रक्रिया तेज होगी। उड़ीसा में कोल ब्लाक का आवंटन जम्मू कश्मीर को किया जा सकता है।