हिम्मत और परिवार के साथ की जरूरत
शीतल देवी का कहना है कि उनके जैसे कई बच्चे होंगे जिन्हें सिर्फ हिम्मत और परिवार के साथ की जरूरत है। अगर वे खेल को अपनाएं तो वे भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है।